किरोड़ी के मुकदमे को वापस लेने का पूर्ववर्ती सरकार का फैसला बरकरार

किरोड़ी के मुकदमे को वापस लेने का पूर्ववर्ती सरकार का फैसला बरकरार

Santosh Kumar Trivedi | Updated: 21 Jul 2019, 11:20:53 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

भाजपा के सरकार में रहते हुए उसके आखिरी छह महीनों के दौरान किए गए निर्णयों की समीक्षा में अब वर्तमान सरकार ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है।

जयपुर। भाजपा के सरकार में रहते हुए उसके आखिरी छह महीनों के दौरान किए गए निर्णयों की समीक्षा में अब वर्तमान सरकार ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। इसके तहत सबसे बड़ी राहत राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा ( Kirori Lal Meena ) को उनके मुकदमे वापसी के निर्णय को बरकरार रख कर दी गई है।

 

राज्य में कांग्रेस की सरकार बने हुए करीब 7 महीने से अधिक समय गुजर चुका है। पूर्व सरकार ( raje govt ) के फैसलों की समीक्षा के तहत मंत्रिमंडलीय समिति अब तह गृह-न्याय, कृषि, शिक्षा, संसदीय कार्य विभाग, राजकीय उपक्रम, सूचना जनसंपर्क विभाग के अधिकांश मामलों पर निर्णय दे चुकी है। हाल ही हुई समिति बैठक में किरोड़ीलाल मीणा के मुकदमे वापसी को बरकरार रखने का निर्णय किया है।

 

यह मुकदमा 2011 में गोपालगढ़ कांड से जुड़ा हुआ था। इसके अलावा मिलावटखोरी के 105 मुकदमे व 11 अन्य आपराधिक मामलों में भाजपा सरकार के फैसलों को यथावत रखा है। समिति के समक्ष गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि जिन मुकदमों को वापस लेने संबंधी निर्णयों की पत्रावलियां देखनी थीं, उनमें से 10 मुकदमों को न्यायालय से वापस लिया जा चुका है, जबकि दो को वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है।

 

उद्योग विभाग: इनकी पत्रावलियां मंगाई
समिति ने उद्योग विभाग से अंबुजा सीमेंट नागौर में ग्रीन फील्ड कैपटिव सीमेन्ट प्लांट स्थापित करने के लिए समयावधि विस्तार, अनावश्यक भूमि को अवाप्ति से मुक्त करने के सात प्रकरणों की पत्रावलियां मंगाई हैं। इसके अलावा आबू रोड स्थित जेबीएस अलॉय एंड स्टील व वल्लभ पित्ती अकलेरा के मामले भी संदेह भी घेरे में माने गए हैं।

 

कृषि विभाग: छह निर्णयों को छोड़ शेष पर क्लीन चिट
समिति ने कृषि व उद्यानिकी विभाग के छह निर्णयों को छोड़कर शेष सभी को क्लीन चिट दे दी है। समिति ने उदयपुर के मुख्य मंडी दुकान संख्या 121 के समीप जमीन आवंटन, सरस पार्लर के लिए भूखंड आवंटन, देवली मंडी में 32 भूखंड आवंटन व 27 वाणिज्यिक भूखंडों का आवंटन, सब इ-मार्केट अनुज्ञा पत्र, जोधपुर में कृषि उपज मंडी समिति अनाज की घोषणा को जांच के दायरे में लिया है।

 

स्कूली शिक्षा: भू-रूपातंरण में छूट के निर्णय की होगी समीक्षा
स्कूल शिक्षा के अधिकांश फैसलों को समिति ने यथावत रखा। इस विभाग का शैक्षाणिक सत्र 2018-19 में ऑनलाइन आवेदन करने वाले निजी स्कूलों को मान्यता के लिए भू-रूपांतरण में दो वर्ष की छूट के निर्णय को दिखवाया जा रहा है। इसके अलावा भगवंत विवि अजमेर में गड़बड़ी की जांच के लिए समिति का पुनर्गठन, श्रीधर विश्वविद्यालय झुंझुनूं की गड़बड़ी के लिए जांच समिति का गठन, रैफल्स विवि नीमराना, जयनारायण व्यास विवि जोधपुर और राजस्थान विकास संस्थान जोधपुर मेडिकल कॉलेज को भूमि आवंटन की पत्रावलियां खंगाली जा रही हैं।

 

राजकीय उपक्रम विभाग: रॉयल्टी शून्य क्यों की
राजकीय उपक्रम विभाग के दो निर्णयों पर समिति ने आपत्ति की है। इसमें राजकीय लवण स्रोत, डीडवाना में क्रूड सोडियम सल्फेट के औसत उत्पादन के आधार पर खुदाई करने पर रॉयल्टी दर 9 रुपए प्रति क्विंटल प्रति क्यारा की गई। जबकि दूसरे आदेश से रॉयल्टी को शून्य कर दिया गया। इसी तरह पचपपदरा के कलावा में राजस्थान आइएलडी कौशल विश्वविद्यालय को ऊर्जा कौशल को भूमि आवंटन के लिए लवणीय से अलवणीय क्षेत्र घोषित किया गया।

 

समिति में यह मंत्री शामिल
संयोजक-शांति कुमार धारीवाल
सदस्य-बीडी कल्ला, रमेश मीणा

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