हर व्यक्ति ले अंगदान का संकल्प, बनाएं जन आन्दोलन: गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंगदान एक पुनीत कार्य है।

By: rahul

Updated: 27 Nov 2020, 07:19 PM IST

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अंगदान एक पुनीत कार्य है। एक व्यक्ति के अंगदान (Organ donation) से कई लोगों के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर समाज में भ्रांतियों को दूर कर इसे जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है और हर व्यक्ति को अंगदान का संकल्प लेना चाहिए।

गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रंंस के माध्यम से अंगदान दिवस के अवसर मोहन फाउण्डेशन जयपुर सिटीजन फोरम (एमएफजेसीएफ) के तत्वावधान में जयपुर में बनाए गए अंगदाता स्मारक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

गहलोत ने कहा कि भारत में वर्तमान में अंगदान की दर प्रति दस लाख जनसंख्या पर मात्र 0.08 ही है, जबकि स्पेन में यह 35.01, अमरीका में 21.9, ब्रिटेन में 15.5 प्रति मिलियन है। देश में हर साल करीब दो लाख लोगों को किडनी, इतने ही लोगों को लिवर तथा 50 हजार लोगों को हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। अंगदान के प्रति जागरूकता में कमी के कारण बहुत कम लोगों में ही अंग प्रत्यारोपित हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अंगदान तथा अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में और अधिक समर्पित भाव से कार्य करने की आवश्यकता है। गहलोत ने इस अवसर पर स्मारक से संबंधित पोस्टर का विमोचन किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि सामाजिक मान्यताओं के कारण लोगों को अंगदान के लिए प्रोत्साहित करना आसान कार्य नहीं है, लेकिन ऎसी संस्थाओं के प्रयासों से इस नेक काम को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि अंगदान तथा अंग प्रत्यारोपण चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऎसी क्रांति है जिससे लोगों के जीवन को बचाया जा सकता है। जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा कि अंगदान को उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए।

सीएम की प्रेरणा से पहला अंगदान स्मारक: अरोडा

जयपुर सिटीजन फोरम के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से जयपुर में भारत का पहला अंगदान स्मारक बन सका है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऎसा पहला राज्य है जहां ड्राइविंग लाइसेंस पर अंगदाता होने का चिन्ह अंकित करना प्रारंभ किया गया है। यह अपने आप में बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पूरे उत्तर भारत में अंगदान के क्षेत्र में आगे आने वाला प्रमुख राज्य बन गया है।

डालमिया सीमेंट के प्रबंध निदेशक महेन्द्र सिंघी ने कहा कि यह स्मारक अंगदाताओं के योगदान को अविस्मरणीय बनाए रखेगा। मोहन फाउंडेशन के फाउंडर ट्रस्टी डॉ. सुनील श्रॉफ ने कहा कि असीम पीड़ा के समय भी परमार्थ भाव से किया गया अंगदान सबके लिए प्रेरणादायी है।

एमएफजेसीएफ की कन्वीनर भावना जगवानी ने प्रदेश में अंगदान के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। स्मारक की डिजाइन तैयार करने वाले आर्किटेक्ट समीर व्हीटन ने भी संबोधित किया।

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