पता करो रणथम्भौर में पर्यटन दबाव और वन्यजीवों की समस्याएं-हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने बाघों (Tiger) की सुरक्षा व संरक्षण के सुझाव देने के लिए बनाई गई पूर्व डीजीपी (Ex DGP) अजीत सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी को रणथम्भौर टाईगर रिजर्व (Ranthombre Tiger reserve) में पर्यटकों (Tourist) का दबाव,क्षमता व संसाधन और वन्यजीवों(Wild Animals) की समस्याओं (Problems) का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।

By: Mukesh Sharma

Updated: 05 Sep 2019, 09:44 PM IST

जयपुर

कोर्ट ने कमेटी को तीनों टाईगर रिजर्व से गुजरने वाले रास्तों का सर्वे करके सुझाव देने को भी कहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कमेटी के सुझाव पर वैकल्पिक मार्ग का प्लॉन तैयार करने और निजी वाहनों का प्रवेश बंद करने के साथ ही रोडवेज की एंट्री भी सीमित करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस एन.एस.ढड्ढा की बैंच ने यह आदेश चंद्रभान सिंह व स्व:प्रेरणा से दर्ज याचिका का निपटारा करते हुए दिए।

कोर्ट ने कहा है कि 29 फरवरी,2018 को वित्तमंत्री ने स्पेशल टाईगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) की घोषणा की थी। राज्य सरकार व एनटीसीए के बीच 6 फरवरी,2010 को एमओयू होने के बावजूद रणथम्भौर में 108 एसटीपीएफ के स्थान पर 75 कांस्टेबल और एक एसआई की तैनाती कर दी। सरिस्का में 10 अक्टूबर,2018 को एमओयू होने के बावजूद एसटीपीएफ की तैनाती नहीं हुई है। मुकंदरा हिल्स में तकनीकी कमेटी ने एसटीपीएफ लगाने की स्वीकृति दे दी लेकिन एमओयू नहीं हुआ है।

यह भी हैं निर्देश-

-पूर्व डीजीपी अजीत सिंह की अध्यक्षता वाली स्टैडिंग कमेटी में सी.एस.रत्नास्वामी,बाल्मिकी थापर,डी.खांडल सदस्य तथा मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर सदस्य सचिव होगें। कमेटी तीनों टाईगर रिजर्व के बफर जोन के कोर एरिया का सर्वे करे और एक किलोमीटर के दायरे में खनन गतिविधियों का पता लगाए।

-तीनों टाईगर रिवर्ज से गुजरने वाले रास्तों का सर्वे करे व सुझाव दे

-सरकार कमेटी के सुझाव पर वैकल्पिक रास्तों का प्लॉन तैयार करे। निजी वाहनों का प्रवेश बंद करे। रोडवेज की एंट्री भी सीमित करे।

-बफर जोन में पश्ुाओं की आबादी का पता लगाए

-रणथम्भौर में पयर्टकों का दबाव का पता लगाने के साथ ही क्षमता व संसाधनों का भी पता करे और वन्यजीवों की समस्याओं का भी पता करे।

-रणथम्भौर में एसटीपीएफ के तहत बार्डर होमगार्ड से बाकी 32 और सरिस्का में 108 पद भरे

-एनटीसीए व राज्य सरकार मुकंदरा हिल्स के लिए एमओयू करे और 108 बार्डर होमगार्ड लगाएं। यह एमओयू एनटीसीए की 11 अप्रेल,2019 की तकनीकी कमेटी के अनुरुप हो।

-सरकार एसटीपीएफ की बजटीय व्यवस्था के लिए एनटीसीए से संपर्क करे।

-एनटीसीए तीनों टाईगर रिजर्व में हरियाली बनाए रखने के लिए इकोलॉजिकल टॉस्क फोर्स लगाए व राज्य वन्य जीव मंडल की सलाह से स्टॉफ तैनात हो।

-15 साल में सरिस्का के 28 में से मात्र तीन गांव ही शिफ्ट हुए हैं। तीनों टाईगर रिजर्व से से गांव शिफ्ट करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। पीसीसीएफ व मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक एसीएफ की अध्यक्षता में कम से कम चार लोगों की कमेटी बने। यह कमेटी गांवों को खाली करवाने के लिए सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से संपर्क करें। एक टीम को पांच गांव से ज्यादा की जिम्मेदारी नहीं दी जाए।

-एनटीसीए गांव शिफ्टिंग में देरी के कारणों का पता लगाए।

-राज्य सरकार एम्पावर्ड कमेटी की सिफारिशों की पालना करवाकर पालना रिपोर्ट पेश करे

-राजस्थान अधीनस्थ व मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड 1041 वन रक्षक, 87 फॉरेस्टर,99 ड्राइवर व 43 सर्वेयर के पदों को दो महीने में नोटिफाई करके भर्ती प्रक्रिया छह महीने में पूरी करे।

-आरपीएससी एससीएफ के 99 रेंजर ग्रेड-प्रथम के 105 पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करे

-वीएचएफ रेडियो कॉलर ऑउटडेटेड हो चुके हैं। इन्हें बदलकर एंड्रायड एप्लीकेशन वाले रेडियो कॉलर लगाए जाएं

-नई व अतिरिक्त नाका चौकियां स्थापित हों

-सरकार 25 नवंबर को पालना रिपोर्ट पेश करे ।

Mukesh Sharma
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