पानी की कमी से मौत मामला: चौतरफा घिरने के बाद हुई गहलोत सरकार की पड़ताल, जानें क्या हुए 'खुलासे'?

पानी की कमी से 5 वर्षीय बालिका की मौत का मामला, जालोर के रानीवाड़ा क्षेत्र की रोड़ा का है मामला, विरोधी दलों के निशाने पर है सरकार- चौतरफा घेरने में जुटी भाजपा,
सरकार ने पड़ताल करवाई तो क्षेत्र की जल आपूर्ति पाई गई सामान्य, हालांकि घटनास्थल पर आबादी नहीं होने से पेयजल नहीं होने का भी दिया हवाला, चिकित्सकीय जांच में बालिका की पानी की कमी से मौत होना आया है सामने

 

By: nakul

Published: 09 Jun 2021, 01:13 PM IST

जयपुर।

जालोर में एक 5 वर्षीय बालिका की प्यास से मौत मामले में चौतरफा घिरी गहलोत सरकार ने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल का हवाला देते हुए अपनी 'सफाई' दी है। सरकार ने ये तो माना है कि बालिका की मौत पानी की कमी की वजह से ही हुई है, लेकिन ये भी साफ़ किया कि पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति सामान्य है। हालांकि पड़ताल में ये भी सामने आया है कि जहां ये घटना घटित हुई है सुदूर इलाका है जहां कोई आबादी निवास नहीं करती लिहाज़ा वहां पेयजल व्यवस्था का प्रबंध नहीं है।

 

पूरे क्षेत्र में सामान्य जलापूर्ति होने का दावा
पीएचईडी जोधपुर के मुख्य अभियंता परियोजना नीरज माथुर के हवाले से कहा गया है कि पानी से मौत का मामला जालोर के रानीवाड़ा क्षेत्र की ग्राम रोड़ा में होना सामने आया है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलने पर विभागीय सहायक अभियंता द्वारा गांव का निरीक्षण किया गया जिसमें जल आपूर्ति सामान्य पाई गई।

 

मुख्य अभियंता माथुर ने बताया कि ग्राम पंचायत सूरजवाड़ा के ग्राम रोड़ा में नलकूप के माध्यम से जीएलआर में जल इकट्ठा करके सार्वजनिक नल द्वारा जलापूर्ति की जा रही है। इसके अलावा इस गांव में बने नर्मदा नहर आधारित वृहद पेयजल योजना के अंतर्गत एक लाख लीटर क्षमता के उच्च जलाशय से भी सात सार्वजनिक नलों के माध्यम से स्वच्छ जल वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल व्यवस्था सामान्य है और दोनों स्रोतों से 90 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिवस के हिसाब से जलापूर्ति की जा रही है ।

 

जहां आबादी नहीं, वहां पेयजल नहीं, वहीं हुई घटना
मुख्य अभियंता माथुर ने बताया कि दुखद घटना ग्राम रोड़ा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी पर गठित हुई जहां कोई भी आबादी नहीं होने से पेयजल व्यवस्था का प्रबंध नहीं है।

 

इधर, बुज़ुर्ग नानी की सुध लेने में जुटा प्रशासन
पानी की कमी के चलते मौत मामले में सियासत गमाये जाने के बाद से जालोर जिला प्रशासन अब मृत बालिका की बुज़ुर्ग नानी की देखरेख में जुटा हुआ है। जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि से लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों का दल बुर्जुर्ग महिला के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी बनाये हुए हैं।

 

कलक्टर नम्रता वृष्णि के अनुसार अस्पताल में भर्ती महिला के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रशासन ने बुज़ुर्ग महिला की बेटी से संपर्क करके उसे अपनी मां के पास अस्पताल पहुंचा दिया है। जबकि अस्पताल प्रशासन को महिला का पूरा ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया गया है। कलक्टर ने ये भी आश्वस्त किया कि बुज़ुर्ग महिला के रिहैबिलिटेशन का लगातार फॉलोअप लेते हुए राहत दिलाने के हरसम्भव प्रयास किये जाएंगे।

 

सरकारी पड़ताल में ये भी सामने आया
- 60 वर्षीय महिला सूखी रानीवाड़ा तहसील के डुंगरी गांव की निवासी है। वह अपनी 5 वर्षीय दोहित्री अंजली को साथ लेकर गत 6 जून को लगभग सुबह 7 बजे अपने पीहर सिरोही जिले में रेवदर तहसील के रायपुर से रानीवाड़ के धुलिया में अपनी बेटी पूजा व बहन बादली से मिलने रेतीले कच्चे रास्तों से पैदल ही रवाना हुई थी

- महिला द्वारा अपने साथ पानी का इंतजाम नहीं किया गया था।

- मार्ग में सुरजवाडा ग्राम पंचायत के ग्राम रोडा की सरहद में गर्मी एवं उमस के कारण महिला एवं उसकी दोहित्री बेहोश हो गई थी

- चरवाहों द्वारा देखने पर स्थानीय सरपंच को मोबाइल पर सायं तकरीबन 4 बजे इसकी जानकारी दी गई

- इस पर सरपंच कृष्ण पुरोहित द्वारा रानीवाडा थानाधिकारी को इसकी सूचना दी गई, जिन्होंने मौके पर जाकर वाहन से महिला और उसकी दोहित्री को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रानीवाडा पहुंचाया

- बालिका अंजली की चिकित्सकीय राय अनुसार Severe Dehydration (पानी की अत्यधिक कमी) की वजह से मृत्यु होना बताया गया है

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