बांसवाड़ा में ऐसे जल रही है शिक्षा की लौ

Abhishek Chaturvedi

Updated: 13 Jul 2019, 10:27:43 PM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

बांसवाड़ा जिले के प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध माही बैकवाटर से लगे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चाचाकोटा में शिक्षा हासिल कर रही बेटियों का सफर जाना तो सुंदरता के नेपथ्य में संघर्ष के दर्शन भी हुए। पहाड़ों के बीच पहाड़ सी जिन्दगी बसर कर रही हमारी बेटियां संघर्ष के बीच माही की लहरों सी आगे बढ़ रही हैं। जिले में प्रारंभिक शिक्षा में 1 लाख 70 हजार 146 विद्यार्थियों का नामांकन है। इनमें छात्राएं 85 हजार 376 हैं, जबकि छात्र 84770 हैं। चाचाकोटा नोडल 10 सरकारी स्कूल हैं। जिनमें भी बालिकाओं का नामांकन 533 है, जबकि बालक 522 अध्ययनरत हैं। ऐसे ही जनजाति क्षेत्र के बीसियों विद्यालय हैं, जहां विकट हालात के बावजूद बेटियां नियमित स्कूल जा कर अध्ययनरत हैं। साथ ही आंकड़ों में भी बालकों से दो कदम आगे हैं। नवमीं में अध्ययनरत रसिका विशेष योग्यजन की श्रेणी में हैं। बचपन से एक हाथ नहीं है। वो तीन किमी पैदल सफर कर स्कूल पहुंचती हैं। घर में बिजली सहित अन्य सुविधाओं का भी अभाव है। मालपाड़ा सुनिता सातवीं में अध्ययनरत हैं। वो कहती हैं कि ऐसे सफर से घबराना किस बात का। हम पढ़ेंगे और आगे बढ़ेंगे। शिक्षा को लेकर ऐसी ही मंशा चाचाकोटा, हिण्डोलापाड़ा, मालपाड़ा, काकनसेजा सहित आसपास के गांवों की कई बालिकाओं ने व्यक्त की। साथ ही आवश्यक सुविधा को लेकर भी पहल करने की जरूरत बताई। जनजाति क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां विकट है। इसके बावजूद बालिकाएं शिक्षा में आगे बढ़ रही है। नामांकन में भी बढ़ोतरी हो रही है। ये अच्छे संकेत है। मूलभूत सुविधाओं के लिए विशेष पहल होनी चाहिए।

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