राजस्थान के किसानों के लिए आई Good News, इस योजना में मिलने जा रही बड़ी राहत

राजस्थान के किसानों के लिए आई अच्छी खबर, इस योजना में मिलने जा रही बड़ी राहत

By: Nakul Devarshi

Published: 11 Sep 2021, 02:32 PM IST

जयपुर।

राज्य में क्रियान्वित की जा रही 'कुसुम कम्पोनेंट-ए' योजना के अन्तर्गत अपनी बंजर व अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए चयनित कृषकों व विकासकर्ताओं को सरकार द्वारा बड़ी राहत प्रदान की गई है। दरअसल, सरकार ने अब इस योजना के अंतर्गत परियोजना स्थापना की अंतिम तिथि को 7 जुलाई 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दिया गया है।

 

इसके अलावा जो किसान और विकासकर्ता इस योजना के अंतर्गत सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए बैंकाें से वित्तीय ऋण प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे आवेदकों को उनके द्वारा जमा करवायी गई एक लाख रुपए प्रति मेगावाट धरोहर राशि तथा 5 लाख रुपए प्रति मेगावाट परियोजना सुरक्षा राशि वापस लौटाए जाने का निर्णय हाल ही में लिया गया है।

 

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि 'कुसुम कंपोनेंट-ए' योजना में किसानों व विकासकर्ताओं से क्रय की गई विद्युत का भुगतान राजस्थान विद्युत वितरण निगमों द्वारा नियत समय पर किया जा रहा है। साथ ही विद्युत वितरण निगमों द्वारा सौर ऊर्जा उत्पादकों के पक्ष में लैटर ऑफ क्रेडिट (एल.सी) भी जारी किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप इस योजना के अंतर्गत कृषकों एवं विकासकर्ताओं को परियोजना स्थापना के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त करना और सुलभ हो गया है।

 

डॉ अग्रवाल के अनुसार कृषकों की बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्रो की स्थापना कर कृषकों को अतिरिक्त आय सृजित करवाने के लिए राज्य सरकार कृत्तसंकल्प है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में 623 कृषकों व विकासकत्र्ताओं द्वारा 722 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन किया गया है, जिसमें से 7 परियोजनाओं से 9 मेगावाट विद्युत का उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है तथा लगभग 15 अन्य परियोजनाएं स्थापनाधीन है।

 

राज्य सरकार सौर ऊर्जा उत्पादकाें को बैंको से ऋण उपलब्ध करवा रहा है, जिसके तहत राजस्थान विद्युत वितरण निगमों द्वारा त्रिपक्षीय अनुबंध कर एसक्रो एकाउंट खोले जा रहे है। इसके अंतर्गत ऋणदाता बैंक, कृषक व विकासकर्ता एवं राजस्थान विद्युत वितरण निगमों के बीच एक अनुबंध किया जाता है तथा वितरण निगम द्वारा बिजली बिल के भुगतान की राशि में से प्रथमतः ऋणदाता बैंक की मासिक किश्त अदा की जाती है। विद्युत वितरण निगम द्वारा एल.सी. एवं एस्क्रो अकाउंट खोले जाने के कारण बैंको का ऋण सुरक्षित हो जाने से बैंको द्वारा बिना रहन कृषकों व विकासकर्ताओं को ऋण प्रदान किया जाना संभव हो सकेगा।

Nakul Devarshi
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned