गोपालपुरा बाइपास के रि—डवलपमेंट प्लान से जेडीए कमाएगा 48 करोड़, सुविधाओं में होंगे खर्च

स्लग— 200 वर्ग मीटर के भूखंड का भू उपयोग कराने पर देने होंगे 10 लाख

 

—गोपालपुरा बाइपास डवलपमेन्ट प्लान से खजाना भरने की तैयारी, योजना सफल हुई तो शहर की 20 और सड़कों का होगा कायाकल्प

By: Ashwani Kumar

Published: 20 Sep 2021, 05:33 PM IST

जयपुर। जेडीए गोपालपुरा बाइपास को विकसित कर खजाना भरने की तैयारी में है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से दावा किया जा रहा है कि ये पैसा वहां सुविधाओं को विकसित करने में खर्च किए जाएंगे। इस पैसे से मूलभूत सुविधाएं और बेहतर यातायात प्रबंधन किया जाएगा।
दरअसल, जेडीए ने गोपालपुरा बाइपास को विकसित करने के लिए डवलपमेंट प्लान तैयार किया है। इस पर लोगों के आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। इस पर गौर करें तो 200 वर्ग मीटर के भूखंड के भू—उपयोग परिवर्तन में करीब 10 लाख रुपए खर्चा आएगा। उदाहरण के लिए किसी भी भूखंड की आवासीय दर 12 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर है और भूखंड का क्षेत्रफल 200 वर्ग मीटर है तो भू उपयोग परिवर्तन शुल्क 12000 गुणा 200 गुणा 40 भाग 100 यानी 9.60 लाख रुपए होगा। इसके अलावा लीज राशि अलग से देनी होगी। गोपालपुरा बाइपास के बाद जेडीए राजधानी की करीब 20 प्रमुख सड़कों को इसी तरह से विकसित करेगा।

यहां से भरेगा जेडीए का खजाना
कॉलोनी— भूखंडों की संख्या— व्यवसायिक उपयोग
सूर्य नगर— 51 — 44
10बी स्कीम— 44 — 35
श्रीगोपाल नगर— 41 — 36
गोपाल नगर ए— 23 — 23
गंगाराम नगर— 23 — 19
बाइपास के दोनों ओर जेडीए ने 10 से अधिक कॉलोनियों में सर्वे किया है। इनमें 239 भूखंडों में से 213 भूखंडों में व्यवसायिक गतिविधि हो रही है। इन भूखंडों को 42600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल है। इनसे जेडीए को करीब 48 करोड़ रुपए की राजस्व मिलेगा। इसके अलावा पार्किंग स्थलों से भी प्रति माह जेडीए 70 हजार रुपए कमाएगा।


ये सुविधाएं होगी विकसित
—800 मीटर पर बस स्टॉपेज और पब्लिक टॉयलेट
—80 मीटर की दूरी पर कचरा पात्र रखे जाएंगे
—दुपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग स्थल
—सर्विल लेन डिवाइडर को खूबसूरत बनाएंगे और पौधे लगाएंगे।
—फुटपाथ, रैम्प, पैदल यात्रियों के लिए स्ट्रीट फर्नीचर

आगे की योजना ये भी
1— बस शटल सर्विस: गोपाल बाइपास के पश्चिम में न्यू आतिश मार्केट मेट्रो स्टेशन है। वहीं, टोंक रोड पर मेट्रो का फेज—2 प्रस्तावित है। ऐसे में आवाजाही के लिए बेहतर कनेक्टिविटी करने के लिए जेडीए के ओर से बस शटल सर्विस शुरू करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।

2— अलग—अलग समय पर हो छुट्टी: गोपालपुरा में कोचिंग का हब है। 100 से अधिक छात्र—छात्राओं वाले कोचिंग इंस्टीट्यूट की छुट्टी अलग—अलग समय पर कराने से एक साथ भीड़ नहीं होगी। इसके लिए कोचिंग ऐसोसिएशन से जेडीए व अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक होगी।

3—पार्किंग: जेडीए ने जो सर्वे किया है, उसमें सामने आया है कि अधिकांश भूखंडों में पार्किंग की दिक्कत है। अतिरिक्त पार्किंग के लिए फ्लाईओवर के नीचे, सार्वजनिक स्थलों के नीचे पार्किंग का प्रावधान किया है। करतारपुरा नाले के पास श्री गोपाल नगर में मल्टीस्टोरी पार्किंग विकसित की जाएगी।

Ashwani Kumar Reporting
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