अवैध बजरी खनन के खिलाफ सरकारी अभियान तेज

राज्य में बजरी के अवैध खनन ( illegal mining ), निर्माण ( construction ) और भण्डारण ( storage of gravel ) के विरुद्ध राज्य सरकार की ओर से चलाए गए अभियान के पहले दिन 27 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें पुलिस में 15 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही 23 वाहन-मशीन व 6236 टन बजरी जब्त की गई हैं।

By: Narendra Kumar Solanki

Updated: 16 Oct 2020, 05:41 PM IST

जयपुर। राज्य में बजरी के अवैध खनन, निर्माण और भण्डारण के विरुद्ध राज्य सरकार की ओर से चलाए गए अभियान के पहले दिन 27 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें पुलिस में 15 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही 23 वाहन-मशीन व 6236 टन बजरी जब्त की गई हैं। माइन्स एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य के अतिसंवेदनशील 8 जिलों जयपुर, धौलपुर, जोधपुर, राजसमंद, चित्तोडग़ढ़, भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर में 15 से 31 अक्टूबर तक बजरी के अवैध खनन पर प्रभावी रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का संचालन जिला कलक्टर के निर्देशन में राजस्व, वन, परिवहन, पुलिस और खान विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्य सचिव राजीव स्वरुप ने भी जिला कलेक्टरों, पुलिस कमिश्नरों व पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिख कर अवैध बजरी खनन, निर्गमन और भण्डारण के खिलाफ जिला कलेक्टर के निर्देशन में संयुक्त अभियान चलाने और संयुक्त कार्यवाही के दौरान पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि आरंभिक सूचनाओं के अनुसार अभियान के पहले दिन भीलवाड़ा में बड़ी कार्यवाही करते हुए 6184 टन मौके पर पड़ी बजरी को जब्त किया गया है वहीं 3 वाहन, मशीनरी जब्त करने के साथ ही 8 प्रकरणों में पुलिस में 8 एफआईआर दर्ज कराई गई है। चित्तोडग़ढ़ में 40 टन बजरी जब्त करने के साथ ही 2 प्रकरण दर्ज कर 2 वाहन, मशीनरी जब्त की गई। जयपुर में 6 प्रकरणों के साथ ही 6 वाहन मशीन की जब्ती की गई है। उन्होंने बताया कि टोंक में अवैध खनन, निर्गमन और भण्डारण के 7 प्रकरणों की 7 एफआईआर पुलिस में दर्ज कराई गई है। टोंक में 8 वाहन मशीनरी की भी जब्ती की है। राजसमंद में 3 मामलें सामने आए हैं, जिनमें 3 वाहन मशीन और 12 टन बजरी जब्त की गई है। जोधपुर में एक मामला सामने आने के साथ ही एक वाहन मशीन की जब्ती की गई है।
अभियान का संचालन जिला कलक्टर के निर्देशन में राजस्व विभाग के उपखण्ड स्तर के अधिकारी, पुलिस विभाग के उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी, वन विभाग के रेंजर स्तर के अधिकारी, परिवहन विभाग के निरीक्षक या उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी के साथ ही खान विभाग से खनि अभियंता/खनि अभियंता सतर्कता, सहायक खनि अभियंता/सहायक खनि अभियंता सतर्कता, भू वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के गठित संयुक्त जांच दल द्वारा किया जा रहा हैं।

Narendra Kumar Solanki Desk
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