किसानों को उनकी उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित कर रही सरकार: जाट


कुरुक्षेत्र में किसान संगठनों की बैठक
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट भी हुए बैठक में शामिल
कहा, प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता सन्देह के घेरे में
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाना अपरिहार्य

By: Rakhi Hajela

Updated: 08 Oct 2020, 02:23 PM IST


किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि किसानों को उनकी उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से वंचित करना अन्यायकारी है। कुरुक्षेत्र में देश भर के किसान संगठनों की बैठक में हिस्सा ले रहे जाट ने कहा कि प्रधानमंत्री न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्रणाली को न्यायोचित मानते हैं, जिसकी घोषणा वे निरन्तर कर रहे हैं। उसके बाद उन्हीं की सरकार ने तिलहन एवं दलहन की उपजें मूंग, उड़द,अरहर,चना, मंसूर, मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, कुसुम,की कुल उत्पादन में से 75 प्रतिशत खरीद को न्यूनतम समर्थन मूल्य की परिधि से बाहर कर दिया है और उस योजना का नाम भी प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान रखा है। संरक्षण के नाम पर कुल्हाड़ी चलाने का कार्य किया है जिससे प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता सन्देह के घेरे में है। उनकी मौखिक घोषणा पर किसानों को विश्वास नहीं हो रहा है, इसलिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाना अपरिहार्य है। किसानों को उनकी उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य तभी प्राप्त हों सकेंगे जब घोषित समर्थन मूल्य पर दाने.दाने की खरीद सुनिश्चित हो। इस कानून का प्रारूप किसानों द्वारा तैयार किया गया जिसका नाम किसानों की सुनिश्चित आय एवं मूल्य का अधिकार विधेयक.2012 हैं। इसके आधार पर 8 अगस्त 2014 को एक निजी विधेयक को लोकसभा द्वारा सर्वसम्मति से विचारार्थ स्वीकार किया गया था लेकिन किन्तु अभी तक केंद्र सरकार ने उसके आधार पर कानून बनाने की कोई पहल नहीं की। अभी भी केंद्र सरकार के पास उचित समय है जब इस प्रकार का कानून बनाया जा सकता है। वर्तमान में सरकार और किसानों के बीच टकराव को रोकने के लिए यह मार्ग उपयुक्त हो सकता है।

Rakhi Hajela Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned