वोट बैंक के डगमगाने का डर, इसलिए पंचायत चुनाव से पहले बिजली दर बढोतरी से घबराई सरकार!

#ElectricityTariff #RajasthanDiscoms

By: Bhavnesh Gupta

Published: 06 Jan 2020, 01:20 PM IST


जयपुर। पहले नगर निगम और अब पंचायत चुनाव ने प्रस्तावित बिजली दर बढोतरी पर फिलहाल ब्रेक लगा दिए हैं। डिस्कॉम्स के विद्युत दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग सुनवाई कर चुका है और उस आधार पर अंतिम रूप भी दे दिया गया लेकिन फिलहाल इसे प्रभावी नहीं किया जा रहा। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार की मंशा है कि नई विद्युत टैरिफ पंचायत चुनाव के बाद प्रभावी की जाए। सरकार को डर है कि बिजली दर बढोतरी हर एक व्यक्ति को प्रभावित करेगी और इससे मतदाताओं पर असर पड़ सकता है। कई बड़े नेता और मंत्रियों ने भी उच्च स्तर पर इसे बाद में लागू करने की जरूरत जताई है। हालांकि, सरकार यहां विद्युत विनियामक आयोग को इस तरह के निर्देश नहीं दे सकती है। गौरतलब है कि जयपुर, जोधपुर और अजमेर तीनों डिस्कॉम ने टैरिफ पीटिशन में 25 फीसदी तक बिजली दर बढोतरी प्रस्तावित की है। विद्युत विनियामक आयोग ने पिछले माह आपत्तियों पर सुनवाई की थी। इसके बाद डिस्कॉम्स के अफसर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश का दौरे पर गए।

उपभोक्ताओं ने यूं उठाए सवाल..
-उद्योगों के लिए पॉवर इंसेंटिव प्रस्तावित है लेकिन इसके नाम पर 1.30 रुपए प्रति यूनिट की छूट तो प्रस्तावित की है लेकिन फिक्स चार्ज 185 से बढ़ाकर 350 रुपए कर रहे हैं। इससे वास्तविक छूट का लाभ केवल 60 पैसे प्रति यूनिट ही मिलेगा।
-उद्योगों में टाइम ऑफ डे (टीओडी) के तहत रात 10 से सुबह 6 बजे तक बिजली उपभोग पर 10 प्रतिशत छूट दे रहे हैं लेकिन पीक आॅवर (सुबह 7 से 11 बजे तक) में बिजली उपभोग दर सामान्य टैरिफ के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि लेना प्रस्तावित कर दिया। यानि, एक हाथ से देकर, दूसरे हाथ से ले लेंगे।
-बिजली खरीद दर करीब 4 रुपए आती है लेकिन उद्योगों को 8 रुपए प्रति यूनिट में बेच रहे हैं। इसके बावजूद 3170.77 करोड़ रुपए का प्रोजेक्टेड लॉस दिखा दिया गया।
-उदय योजना के तहत 80 हजार करोड़ रुपए आए थे। उस समय डिस्कॉम ने दावा किया था कि 252 करोड़ रुपए सरप्लस रहेंगे। उलटे, वित्तीय घाटा दिखाकर बोझ आमजन पर डाल दिया गया।
-15 हजार करोड़ रुपए के बॉण्ड मार्केट में फ्लो करने थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उलटे 5 प्रतिशत ब्याज देकर करीब 750 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार भी लोगों के बिजली बिल में डाला जा रहा है।
-बिजली खरीद दर कम कैसे हो, इसकी राय के नाम पर 20.44 करोड़ रुपए उर्जा विकास निगम को दे दिए गए।

बताया 7 हजार करोड़ का घाटा, दर बढ़ी तो भी 2 हजार करोड़ रहेगा...
याचिका में बताया गया है कि यदि टैरिफ में बढ़ोत्तरी नहीं होती है तो डिस्कॉम्स पर करीब 7 हजार करोड़ रूपए का घाटा रहेगा। यदि टैरिफ बढ़ जाता है तो भी 2 हजा करोड़ रूपए का घाटा रहेगा। इस घाटे की पूर्ति जनता की जेब से होगी।

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Bhavnesh Gupta Reporting
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