लॉकडाउन के बीच सरकार का राहत पैकेज

‘सरकार की कोशिश रहेगी कि गांवों और शहरों में रहने वाला कोई भी गरीब भूखा न सोए’
‘पैकेज गरीबों के लिए तैयार किया है। प्रवासी श्रमिकों और गरीबों को फौरन मदद की जरूरत है’

लॉकडाउन को सरकार का... अन्न-धन का ईंधन

गरीब-किसान और महिलाओं पर फोकस

नई दिल्ली. लॉकडाउन की मार झेल रहे देश के गरीब तबके के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़े राहत पैकेज की घोषणा की। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार पैकेज 1.70 लाख करोड़ रुपए का है। उन्होंने कहा, ‘सरकार की कोशिश रहेगी कि गांवों और शहरों में रहने वाला कोई भी गरीब भूखा न सोए।’ पैकेज में देश के 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीनों तक हर माह पांच किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल मुफ्त देने की घोषणा शामिल है। वित्तमंत्री ने किसानों और महिलाओं के खाते में सीधा पैसा देने, बुजुर्गों, विकलांगों और विधवाओं को दो किस्तों में दो हजार रुपए देने जैसी घोषणा भी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्तराज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।

सरकार की 3 माह की तैयारगरीबों को 3 माह तक मुफ्त अनाज
प्र धानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हर गरीब को अगले तीन महीनों तक 5 किलो गेहूं या चावल व 1 किलो दाल मुफ्त मिलेगी। पहले से हर महीने मिल रहे 5 किलो गेहूं या चावल के अलावा होगी। इससे देश की दो तिहाई आबादी को लाभ।
स्वास्थ्यकर्मी का 50 लाख का बीमा
को रोना से निर्णायक जंग लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अगले 3 महीने के लिए 50 लाख रुपए का बीमा कवर। इनमें सफाई कर्मचारी, वार्ड बॉय, नर्स, पैरामेडिक्स, तकनीशियन, डॉक्टर, विशेषज्ञ व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल होंगे। ी

उज्ज्वला: 3 माह तक मुफ्त गैस
जिन गरीब महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं। उन महिलाओं को अगले 3 महीने तक घरेलू गैस के मुफ्त सिलेंडर दिए जाएंगे।
किसानों को 2,000 की किस्त अप्रैल में
प्र धानमंत्री किसान योजना के तहत 2000 रुपए प्रति किसान पहली किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी होंगे। यह रकम सीधे उनके खाते में जाएगी।
मनरेगा की दिहाड़ी में 11त्न की बढ़ोतरी
म हात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कामगारों की दिहाड़ी 182 रुपए रोज से बढ़ाकर 202 रुपए की गई। हर कामगार न्यूनतम 2000 की अतिरिक्त आय।
स्वयं सहायता समूहों को कर्ज
स्व यं सहायता महिला समूहों से जुड़े परिवारों को पहले बैंक से 10 लाख का कॉलेटरल फ्री कर्ज मिलता था, अब 20 लाख रुपए का
कर्ज मिलेगा। अब यह दोगुना होगा।
महिला जनधन खातों में क्र1500
प्र धानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले महिलाओं के खातों में अगले तीन माह तक 500 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। कुल 1500 रुपए की सहायता दी जाएगी।
वृद्ध, विकलांगों को दो किस्त
अ गले तीन महीनों में 1000 रुपए की दो किस्तों में अतिरिक्त मदद। यह उन्हें मिल रही पेंशन के अतिरिक्त होगी।

पूरा ईपीएफ देगी सरकार
केेंद्र 3 महीने तक कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में कर्मचारी (12त्न) और नियोक्ता (12त्न), दोनों योगदान खुद देगी। यानी ईपीएफ में पूरा 24त्न हिस्सा सरकार देगी। यह ऐसे संस्थानों के लिए जिनमें 100 कर्मचारी तक हैं और इनमें से 90 प्रतिशत का मासिक वेतन 15 हजार रुपए प्रतिमाह से कम है। इस पर करीब 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
75त्न ईपीएफ निकाल सकते हैं
सरकार सरकार ईपीएफ योजना के नियमों में संशोधन करेगी ताकि मौजूदा महामारी के समय कर्मचारियों को ईपीएफओ में जमा रकम का 75त्न या 3 महीने के वेतन में से जो भी कम होगा, उसे निकाल सकेंगे। यह ‘नॉन रिफंड एडवांस’ होगा।

निर्माण मजदूरों को 31 हजार करोड़
निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ पंजीकृत मजदूरों/कामगारों को 31 हजार करोड़ का फंड राज्य सरकारों के माध्यम से दिया जाएगा।

Vijayendra Desk
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