जेल में सरकार की 20 करोड़ की मशीन फेल, अब जानवर लगाएंगे बेड़ा पार

जेलों में मोबाइल की रोकथाम के लिए लगाए गए जैमर पर २० करोड़ रुपए पानी में चला गया। जेलों के आसपास आबादी होने से वहां कई तरह के नेटवर्क सिस्टम लगे हुए है। एेसे में जैमर की उपयोगिता नहीं रह जाती

By: Dinesh Gautam

Published: 07 Mar 2020, 12:22 AM IST

विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष और विधायकों के पुलिस विभाग में संसाधनों की कमी, बढ़ते अपराध, नफरी, साइबर क्राइम और संगठित अपराध के सवालों पर संसदीय मंत्री शांति धारीवाल ने जवाब पेश किया। धारीवाल ने अनुमान मांगों पर जवाब देते हुए केंद्र सरकार, प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार पर भी लगातार कटाक्ष किए। घोषणाओंं में बजट के अलावा पुलिस को बंदी खुराक भत्ता 30 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 70 रुपए प्रतिदिन कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस कल्याण कोष में ५० लाख, स्पोटर्स फंड में एक करोड़ और पुलिस उत्सव फंड में ५० लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि सभी तरह के अपराध बढ़े है और पुलिस सुधार कहीं नजर ही नहीं आ रहा। बाद में अनुदान पारित हो गया।

जैमर पर खर्च पानी में बह गया, अब श्वान लगाएंगे बेड़ा पार

धारीवाल ने जेल सुधार के सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि जेलों में मोबाइल की रोकथाम के लिए लगाए गए जैमर पर २० करोड़ रुपए पानी में चला गया। जेलों के आसपास आबादी होने से वहां कई तरह के नेटवर्क सिस्टम लगे हुए है। एेसे में जैमर की उपयोगिता नहीं रह जाती। जेलों में मोबाइल, मादक पदार्थ और हथियार को रोकने के लिए तमाम प्रयास के साथ ही अब विशेष ट्रेंड डॉग रखे गए है। उनकी उपयोगिता अभी तक अच्छी रही है। अच्छे परिणाम आने पर एेसे ट्रेंड डॉग और मंगाए जाएंगे।

गंभीर अपराध नहीं हमारी नीति से रजिस्ट्रेशन बढ़ा
शांति धारीवाल ने कहा कि हमारी सरकार के समय गंभीर अपराध पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। किसी अपराध को पर्दे में महज इसलिए नहीं रखा जा रहा कि आंकड़े बढ़ जाएंगे। इसलिए हमने रजिस्ट्रेशन की संख्या देखने की बजाय थानों में दर्ज करने के निर्देश दिए। यादि थानाधिकारी नहीं सुने तो एसपी ऑफिस में शिकायत दर्ज करने का प्रावधान शुरू किया। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने आंकड़ें बताते हुए अपराध बढऩे को लेकर सरकार पर सवाल दागा था। वहीं पुलिस में सुधार के लिए खुद के जिलास्तर और थाने स्तर पर रैंकिंग दिए जाने को लेकर सदन में जानकारी दी थी। वहीं पुलिस अफसरों की तारीफ करते हुए कहा था कि सरकार सही अफसर को सही जगह नहीं लगाती जिससे अफसरों में भी काम के प्रति उत्साह नहीं है। जबकि यही फोर्स अच्छे परिणाम दे सकती है।

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