24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान सरकार सख्त, दो साल से बंद पड़ी माइंस अब होंगी बंद

मेजर मिनरल्स माइनिंग क्षेत्र में दो साल से बंद पड़ी माइंस अब स्वतः निरस्त हो जाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Narendra Singh Solanki

•

Updated: 3 May 2023, 10:54 AM IST

राजस्थान सरकार सख्त, दो साल से बंद पड़ी माइंस अब होंगी बंद

राजस्थान सरकार सख्त, दो साल से बंद पड़ी माइंस अब होंगी बंद

मेजर मिनरल्स माइनिंग क्षेत्र में दो साल से बंद पड़ी माइंस अब स्वतः निरस्त हो जाएगी। राज्य सरकार इस तरह की माइंस की तत्काल प्रभाव से नीलामी की कार्यवाही कर सकेगा। नए आदेश खनिज संपदा के वैज्ञानिक दोहन, अनावश्यक रुप से बंद पड़ी खानों की नीलामी कर खनन कार्य शुरु कराने, रोजगार व आय के साधन बढ़ाने और खनिज संसाधनों के सस्टेनेबल डवलपमेंट के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। इससे मेजर मिनरल्स की बंद पड़ी खानों की नीलामी की राह प्रशस्त हो सकेगी। केन्द्र सरकार ने माइंस एवं मिनरल्स (डवलपमेंट एवं रेगुलेशन) एक्ट, 1957 में इस आशय के आदेश जारी किए हैं। एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से एमएमडीआर एक्ट 1957 में किए गए आवश्यक प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से आरक्षित ऐसे माइनिंग क्षेत्र जहां पिछले दो साल से लगातार माइनिंग हो रही है उन खनन क्षेत्रों में एक साल की अवधि के लिए खनन जारी रखने की अनुमति होगी। ऐसे उपक्रमोें को एक साल की अवधि में खनन लीज जारी करानी होगी।

यह भी पढ़ें : सरकार घटाए वैट, नहीं तो अनिश्चितकाल हड़ताल, राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की चेतावनी

एटोमिक एवं हाइड्रोकार्बन एनर्जी मिनरल्स पर लागू नहीं

अग्रवाल ने बताया कि नए प्रावधान एटोमिक एवं हाइड्रोकार्बन एनर्जी मिनरल्स पर लागू नहीं होंगे। खनिज रियायत नियम 1960 के तत्कालीन नियम 58 के तहत आरक्षित माइनिंग क्षेत्र में अस्थाई खनन कार्यानुमति जारी कर रखी है और जहां उत्पादन शुरू हो गया है और इस आदेश के जारी होने की तारीख से तुरंत पहले दो साल की अवधि के लिए खनन कार्य बंद नहीं किया गया है, उन खानों के लिए राज्य सरकार खनन पट्टे के संबंध में खनन कार्य हेतु एक साल के रियायती अवधि के लिए खनन अनुमति प्रदान करेगी। ऐसे अनुमतिधारकों को एक साल की अवधि में खनन लीज प्राप्त करना जरुरी होगा।