'रोडवेज के घाटे को कम करने के लिए सरकार प्रयासरत'

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राज्य सरकार पिछले एक वर्ष से रोडवेज के घाटे को कम कने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए सरकार काम कर रही है।

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि राज्य सरकार पिछले एक वर्ष से रोडवेज के घाटे को कम कने के लिए लगातार प्रयासरत है। खाचरियावास विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए और कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए सरकार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि पहले रोडवेज राष्ट्रीयकृत मार्गों पर चलती थी, जिसे पिछली सरकार की ओर से बंद कर दिया गया और लोक परिवहन सेवा को राष्ट्रीयकृत मार्ग पर शुरू किया। हमारी सरकार ने आते ही 10 दिनों में ही लोक परिवहन सेवा की बसों को राष्ट्रीयकृत मार्गों के परमिट पर रोक लगा दी और लोक परिवहन सेवा की बसों को कोई नया परमिट नहीं दिया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने सभी राष्ट्रीयकृत मार्गों को अराष्ट्रीयकृत मार्ग कर दिया था, जिसे हमारी सरकार ने आते ही वापस इन मार्गों को राष्ट्रीयकृत मार्ग कर दिया है। उन्होंने बताया कि इन सब निर्णयों से अक्टूबर और दिसंबर महीने में पहली बार रोडवेज फायदे में भी आई है। इससे पहले उन्होंने बताया कि 4 हजार 103 कार्मिकों के सेवानिवृति परिलाभ बकाया है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान परिवहन निगम की रोकड़ तरलता की स्थिति अनुकूल होने पर बकाया परिलाभों का भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने झुंझुनूं आगार के अप्रैल 2015 से जून 2016 तक के कर्मचारियों को सेवानिवृति परिलाभों का भुगतान किया जा चुका है। खाचरियावास ने उनकी सूची और जुलाई 2016 के बाद सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों का नामवार, पदवार और उनके बकाया भुगतान का विवरण सदन के पटल पर रखा।

anant Desk
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