8 लाख से ज्यादा कर्मचारी-अधिकारियों का डेटाबेस तैयार करेगी सरकार

8 लाख से ज्यादा कर्मचारी-अधिकारियों का डेटाबेस तैयार करेगी सरकार
Chief Secretary DB Gupta

Firoz Khan Shaifi | Publish: Oct, 12 2019 04:47:14 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

कार्मिक विभाग ने कार्मिकों की व्यक्तिगत जानकारी मांगने पर नहीं देने वाले कर्मचारियों के लिए नया उपाय निकाला है।

जयपुर। कार्मिक विभाग ने कार्मिकों की व्यक्तिगत जानकारी मांगने पर नहीं देने वाले कर्मचारियों के लिए नया उपाय निकाला है। कार्मिक विभाग अब स्टेट इंश्योरेंस और प्रोविडेंट फंड यानी एसआईपीएफ के पास उपलब्ध डाटा और रिकॉर्ड से साढ़े 7 लाख मौजूदा सहित कुल मिलाकर साढ़े 8 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का पूरा डाटाबेस बनाने में जुट गई है।

सीएस डीबी गुप्ता ने इस संबंध में निर्देश दिए है। दरअसल सरकार कर्मचारियों को डेटाबेस तैयार करके उनकी कुडंली तैयार करना चाहती है। लेकिन, कर्मचारियों की ओर से पूरा डेटा उपलब्ध नहीं कराने पर मुख्य सचिव ने नया रास्ता अपनाया है।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने सरकारी कर्मचारियों के डाटाबेस की समस्या सुलझाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्टेट इंश्योरेंस एंड प्रोविडेंट फंड यानी एसआईपीएफ में उपलब्ध कर्मचारी का डाटा लेकर डाटाबेस तैयार किया जाए, साथ ही निर्देश दिए कि एसआईपीएफ के अधिकारियों के साथ आयोजना और कार्मिक विभाग के अधिकारी बैठक करके पूरी कार्य योजना का खाका बना तैयार करें।

कर्मचारियों की जानकारी के लिए कार्मिक विभाग प्रयासरत है, विभाग की ओर से इसके लिए एक सॉफ्टवेयर के जरिए सरकारी कर्मचारियों का पूरा डाटा बेस बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कई विभागों का तालमेल नहीं बैठने पर सॉफ्टवेयर कारगार नहीं हो सका।

कई सरकारी कर्मचारियों सॉफ्टवेयर पर अधूरी जानकारी ही उपलब्ध करा पाए।विभाग ने कर्मचारियों से फोटो सहित उनकी संपूर्ण जानकारी मांगी थी, जो कि पूरी नहीं मिल सकी है। इस संबंध में मुख्य सचिव ने बैठक भी ली थी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned