नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका पर यह बोले राज्यपाल कलराज मिश्र

राज्यपाल कलराज मिश्र ( Governor Kalraj Mishra ) ने कहा है कि नई शिक्षा नीति ( New education policy 2020 ) में बहुविषयक शिक्षा ( multidisciplinary education ) में एसटीईएम के अन्तर्गत विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित का समावेश किया गया है।

By: Ashish

Published: 07 Sep 2020, 04:32 PM IST

जयपुर

New education policy 2020 : राज्यपाल कलराज मिश्र ( Governor Kalraj Mishra ) ने कहा है कि नई शिक्षा नीति ( New education policy 2020 ) में बहुविषयक शिक्षा ( multidisciplinary education ) में एसटीईएम के अन्तर्गत विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित का समावेश किया गया है। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि इसमे कृषि और कम्प्यूटर को स्थान देकर STEAM-C ( साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर, मैथ, कम्प्यूटर) के रूप में परिवर्तन करने से उच्च शिक्षा ओर रोजगारपरक बनेगी। मिश्र ने कहा कि अगर राज्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन सफल तरीके से कर पाते हैं तो यह नई शिक्षा प्रणाली भारत को विश्व के अग्रणी देशों के समकक्ष ले आयेगी तथा वर्तमान की चुनौतियों को अवसर में बदल कर भविष्य की आशंकाओं की पूर्ति करने में सक्षम हो सकेगी। राजस्थान में सभी स्तरों पर नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में योजना बना कर अतिशीघ्रता से केन्द्र द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य शुरू कर दिया गया है और राजभवन स्तर पर इस दिशा में एक टास्क फोर्स का गठन कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
राज्यपाल मिश्र ने सोमवार को राजभवन से वीडियों काॅन्फ्रेन्स के जरिए उच्च शिक्षा के बदलाव में नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका पर आयोजित राज्यपाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। सम्मेलन को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी संबोधित किया।

ड्रॉपआउट कम कर सकती है नीति
राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति में सहपाठ्यक्रम और पाठ्येतर गतिविधियों के साथ-साथ व्यावसायिक एवं गैर व्यावसायिक विषयों की अनुमति देने वाली लचीली पद्धति ‘‘ड्राॅपआउट‘‘ कम कर सकती है। नीति की सबसे बड़ी ताकत इसकी बहु-अनुशासनात्मक और विद्यालय के स्तर पर छात्रों द्वारा अपनी पसन्द के आधार पर विषय चुन पाना है, इससे सिस्टम के भीतर छात्रों के लिए कई प्रवेश बिन्दु और विकास बिन्दु खुल गए हैं जो इस नीति को स्वागत योग्य बनाते हैं।

इसलिए रहेगी एकरूपता
राज्यपाल ने कहा कि नीति के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार और विश्वविद्यालयों के जरिए प्रीपरेटरी स्टेप्स को केन्द्र सरकार की ओर से समयबद्ध एवं वरीयता के क्रम में स्पष्ट रूप से परिभाषित करने पर नीति को लागू करने मे एकरूपता रहेगी। अन्य किसी प्रकार की कोई भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर नीति समग्रता एवं अधिक प्रभावशाली रूप से लागू की जा सकेगी।
शिक्षा होगी गुणवत्तापूर्ण
राज्यपाल ने कहा कि जहाँ एक और यह शिक्षा नीति न्यूनतम कक्षा पांच तक मातृभाषा और स्थानीय भाषा में शिक्षा देने पर जोर देती है, वहीं दूसरी ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से संप्राप्ति स्तर को बढ़ाए जाने पर भी केन्द्रित है। परख (PARAKH) (समग्र विकास के लिए प्रदर्शन, आंकलन, समीक्षा और ज्ञान का विश्लेषण) की स्थापना से बच्चों के सीखने और उनके मूल्यांकन में विविधता को बढ़ावा मिलेगा।आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स, सवंर्धित रियलिटी, रोबोटिक्स, इंटरनेट आॅफ थिंग्स का उपयोग इस आशय से किया जाएगा कि बच्चों तक पाठ्यक्रम का अधिकतम सीमा तक हस्तान्तरण हो सके। उच्च शिक्षण संस्थानों में सकल नामांकन अनुपात को 50 प्रतिशत तथा कई स्तरों पर प्रवेश एवं छोड़ने की व्यवस्था के साथ-साथ उच्च शिक्षा आयोग का गठन, कई अन्य क्रान्तिकारी परिवर्तन उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाएंगे।

Prime Minister Narendra Modi

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