ऐसा हो रहा है पहली बार, जब जन्माष्टमी पर बंद रहेंगे गोविंद के द्वार

छोटी काशी के अराध्य देव गोविंद देवजी के इस बार भक्त जन्माष्टमी पर 12 अगस्त को दर्शन नहीं कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर प्रशासन ने मंदिर को 15 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया है। यह पहला मौका है, जब जन्माष्टमी पर गोविंद के द्वार भक्तों के बंद रहेंगे।

By: Umesh Sharma

Published: 29 Jun 2020, 03:31 PM IST

जयपुर।

छोटी काशी के अराध्य देव गोविंद देवजी के इस बार भक्त जन्माष्टमी पर 12 अगस्त को दर्शन नहीं कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर प्रशासन ने मंदिर को 15 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया है। यह पहला मौका है, जब जन्माष्टमी पर गोविंद के द्वार भक्तों के बंद रहेंगे।

दरअसल राज्य सरकार ने संक्रमण फैलने के डर से मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं दी है। केवल ग्रामीण क्षेत्र के उन मंदिरों को खोलने के आदेश दिए गए हैं, जहां बहुत कम संख्या में भक्त पहुंचते हैं। सरकार का आदेश आने के तुरंत बाद ही गोविंद देवजी मंदिर प्रशासन ने 15 अगस्त तक मंदिर को बंद करने का निर्णय कर लिया। मार्च में लॉक डाउन शुरू होने के बाद से ही मंदिर भक्तों के बंद पड़ा है। हालांकि सुकून की बात यह है कि लोग आॅनलाइन प्रभु के दर्शन कर पा रहे हैं। जन्माष्टमी पर भी लोग आॅनलाइन ही प्रभु के दर्शन कर सकेंगे। जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव पर उछाल का कार्यक्रम भी नहीं होगा और ना ही शोभायात्रा निकाली जाएगी।

5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचते हैं

रक्षाबंधन पर गोविंददेवजी के दर्शनों के लिए पूरे शहर से पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं। यही नहीं मध्यरात्रि 12 बजे जब भगवान कृष्ण का जन्म होता है, उस समय मंदिर परिसर में 15 से 20 हजार भक्त मौजूद रहते हैं। मगर इस बार ये नजारे देखने को नहीं मिलेंगे।

आखिर किसे बांधेंगी राखी

जिन बहनों के भाई नहीं हैं, उन्होंने भगवान गोविंद को अपना भाई मान रखा है। रक्षाबंधन के दिन ये बहनें भगवान को राखी अर्पित करती हैं। मगर इस बार दर्शन बंद होने की वजह से राखी भी नहीं बांधी जा सकेगी।

Umesh Sharma Reporting
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