राजस्थान में श्रमिकों को सरकार ने दी बड़ी राहत—नक्शा पास होती ही निर्माणकर्ता जमा कराएगा एक प्रतिशत सेस


मुख्य सचिव ने की श्रमिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2019—20 में 411 करोड़ सेस जमा हुआ

By: PUNEET SHARMA

Published: 16 Jul 2020, 05:07 PM IST


जयपुर।
मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने गुरुवार को प्रदेश में श्रम विभाग के अधीन संचालित श्रमिक कल्याण की योजनाओं की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने बकाया सेस वसूली पर विशेष फोकस करने के लिए अधिकारियों से कहा। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सेस वसूली के लिए नया सिस्टम तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2009 के बाद हुए निर्माणों पर नए तरीके से नापजोख कर सेस तय किया जाए।

उन्होंने कहा कि जेडीए,नगर निगम, यूआईटी और नगर पालिकाओं में नक्शा पास करते ही निर्माण का एक प्रतिशत सेस जमा किया जाए। इसे जमा नहीं कराने की स्थिति में 24 प्रतिशत जुर्माना राशि के साथ सेस जमा कराना होगा। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार दस लाख से अधिक के निर्माण कार्यों पर एक प्रतिशत सेस देना अनिवार्य है और इनमें सड़क,पुल निर्माण,मकान निर्माण भी शामिल हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना संकट के समय निर्माण कार्य रुकने से बिल्डर्स को सेस जमा करवाने में 6 महीने की छूट दिए जाने को लेकर राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार को पत्र भेजा जाएगा। इसके लिए मंत्री स्तर से अनुमति मिल चुकी है। इसमें भारत सरकार की ओर से ही छूट दी जा सकती है वित्तीय वर्ष 2019—20 में 411 करोड़ रुपए सेस के रूप में जमा हुए हैं।

PUNEET SHARMA Reporting
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