श्रमिकों का पासपोर्ट व वीजा खर्च उठाएगी सरकार, खेल में मैडल जीतने पर मिलेगें 11 लाख

Labour Minister Tikarkam Juli)श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने शनिवार को(Assembly) विधानसभा में (Labour welfare) मजदूरों के हितों के लिए कई (announcment)घोषणाएं कीं। जूली श्रम विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब दे रहे थे।

By: Mukesh Sharma

Published: 07 Mar 2020, 09:01 PM IST

जयपुर

(Labour Minister Tikarkam Juli)श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने शनिवार को(Assembly) विधानसभा में (Labour welfare) मजदूरों के हितों के लिए कई (announcment)घोषणाएं कीं। जूली श्रम विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब दे रहे थे। श्रम मंत्री की घोषणाएं-
—विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों के पासपोर्ट और वीजा का खर्च सरकार देगी

—मजदूरों के बच्चों के अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं जैसे विश्वकप,ओलंपिक,एशियाड और कॉमनवैल्थ गेम्स में मैडल जीतने पर 11 लाख रुपए दिए जाएंगे
—मजदूरों के मेघावी बच्चों का यूपीएससी और आरपीएससी की सेवाओं में प्रारंभिक परीक्षा में चयन होने पर मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के जरिए खर्च सरकार देगी।

—प्रदेश भर में जहां—जहां भी मजूदरों की चौखटी है वहां पीने के पानी और छांव की व्यवस्था स्थानीय निकाय के सहयोग से होगी
—मजदूरों को स्वयं का व्यापार शुरु करने लिए पांच लाख तक का कर्ज वित्तीय संस्थानों से दिलवाया जाएगा और ब्याज बोर्ड देगा

—सिलिकोसिस की बीमारी से निपटने के लिए संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण करके विशेष अभियान चलाकर राज्य को सिलिकोसिस मुक्त बनाया जाएगा
—हर साल मजदूर दिवस समारोहपूर्वक आयोजित होगा

—मजदूरों को विभिन्न सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध करवाने के लिए श्रम विभाग का एक मोबाइल एप तैयार होगा
—मजदूरों को ओवर टाइम का पूरा भुगतान दिलवाने के लिए हैल्प लाईन नंबर पर शिकायत दर्ज करवाने और त्वरित कार्यवाही होगी

—बाल श्रम की रोकथाम के लिए हर जिले में टास्क फोर्स बनेगी
—कार्यस्थल पर मजदूरों के 6 से 14 साल तक के बच्चों के लिए नियोक्ता के जरिए नजदीक के सरकारी स्कूल या आंगनबाड़ी केन्द्र में भर्ती करवाकर शिक्षा प्रदान दिलवाई जाएगी और ब्रिजकोर्स करवाया जाएगा।

शायराना अंदाज में नजर आए मंत्री--

जूली ने अपने जवाब की शुरुआत महात्मा गांधी के कथन से करते हुए कहा कि जो देश अपने श्रमिकों का सम्मान नहीं कर सकता वह कभी विकास भी नहीं कर सकता। इसी भावना को ध्यान में रखकर राजस्थान सरकार श्रमिकों के लिए काम कर रही है। शायराना अंदाज में श्रम मंत्री ने कहा कि अगर दुनिया में मजदूरों का नामोनिशां नहीं होता,तो आज ना यह ताजमहल होता ना हवामहल होता।

बहस का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हमने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की कमेटी बनाई थी और कमेटी ने सिफारिश भी दे दी हैं। पिछले एक साल में उद्योगों मंे शांति रही है और एक साल में एक भी फैक्ट्री में तालाबंदी नहीं हुई। पिछली सरकार मजदूरों की विभिन्न योजनाओं के लिए ने १,४२,००० रजिस्ट्रेशन किए थे जबकि कांग्रेस सरकार ने एक साल में दो लाख ३० हजार रजिस्ट्रेशन कर दिए हैं।

श्रमिकों के लिए नए कानून पर उन्होंने कहा कि फिलहाल श्रमिकों से संबंधित २२ कानून हैं और केन्द्र सरकार इनको समाप्त करके चार कानून ला रही है। भारतीय मजदूर संगठन सहित श्रमिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले १० साल में सबसे ज्यादा सेस कलेक्शन पिछले एक साल में करीब साढे़ पांच सौ करोड़ रुपए हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने वोटों के लालच में बिना सोचे समझे चुनाव से तीन महीने पहले मजदूरों के फार्म भरवा दिए थे। इसमें यह भी नहीं देखा गया कि फार्म भरने वाला श्रमिक भी है या नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक साल में फर्जी दलाल और ई-मित्रों की पहचान कर उन्हें बंद किया है। चूरु का उदाहरण देकर उन्होंने बताया कि वहां शुभ शक्ति योजना ५० फार्म आए और सभी फर्जी निकले और इस पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। एेसे ही हालात कई जिलों मंे पाए गए। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर शेर पढ़ा कि यह जमाना याद रखे मजदूर हैं मजबूर नहीं,भूख गरीबी बदहाली हमें मंजूर नहीं।

Mukesh Sharma
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