ग्रामीण डाक सेवक : टूटती नजर आ रही पदोन्नति की आस

पदोन्नति के इंतजार में ग्रामीण डाक सेवक
टूटती नजर आ रही पदोन्नति की आस
बिना कारण बताए रद्द की पदोन्नति परीक्षा

By: Rakhi Hajela

Updated: 23 Jul 2020, 08:44 PM IST


राजस्थान परिमंडल के तहत कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों की परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। इन्हें विभागीय पदोन्नति मिलने की आस भी टूटती नजर आ रही है। मामला दरअसल यह है कि डाक विभाग की ओर से ग्रामीण डाक सेवक से पोस्टमैन और डाक सहायक पदोन्नति भर्ती परीक्षा का आयोजन पूरे देश में किया गया था लेकिन राजस्थान सर्किल में पदोन्नति भर्ती की परीक्षा को बिना कारण बताए रद्द कर दिया गया। एेसे में परीक्षा में सफल रहे तकरीबन १५०० अभ्यार्थियों को पदोन्नति मिलने का सपना टूटता नजर आ रहा है।
लंबे अंतराल के बाद हुई थी परीक्षा
आपको बता दें कि डाक विभाग की ओर से हर साल इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है लेकिन विभाग ने २०१४ के बाद २०१९ में इस परीक्षा का आयोजन किया। देश भर में परीक्षा का आयोजन किया गया और दो लिखित परीक्षाओं के परिणाम जारी कर दिए गए। अंतिम स्तर पर टाइपिंग टेस्ट परीक्षा का आयोजन देश भर में ९ फरवरी को हुआ। लेकिन इसके बाद जो हुआ उससे अभ्यार्थियों के भविष्य पर ही प्रश्न चिह्न लग गया।
६ डिविजन के अभ्यार्थियों का री-एग्जाम
परीक्षा में शामिल हुए ग्रामीण डाक सेवकों का कहना है कि टाइपिंग टेस्ट समाप्त होने के बाद राजस्थान परिमंडल के 6 डिवीजन के अभ्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर ही रोका गया और उन्हें दोबारा परीक्षा देने की बात कही गई। इसके बाद जब ग्रामीण डाक सेवकों अंतिम चयनित सूची निकलने का इंतजार कर रहे थे तो पूरी प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि बार बार विभाग के पास चक्कर लगाने पर भी उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। एेसे में कुछ ग्रामीण डाक सेवकों ने आरटीआई के माध्यम से जब इस संबंध में जानकारी चाही तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा की जांच की जा रही है क्योंकि परीक्षा के पेपर लीक हो गए थे। वहीं ग्रामीण डाक सेवकों का कहना है कि यदि पेपर लीक हुए थे तो विभाग ने टाइपिंग टेस्ट ही क्यों लिया और देश भर में परीक्षा का पेपर एक समान होता है तो केवल राजस्थान सर्किल की परीक्षा ही क्यों रद्द की गई लेकिन उन्हें इन बातों का जवाब देने वाला कोई नहीं है।

सवाल जो मांगते हैं जवाब
: विभाग के अनुसार पेपर लीक हुआ है लेकिन पेपर सप्लाई से लेकर परीक्षा होने तक वीडियोग्राफी करवाई गई परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले हर परीक्षा कक्ष में परीक्षकों ने परीक्षा के लिफाफे का निरीक्षण किया कि कहीं लिफाफा फटा हुआ या संदेहपूर्ण तो नहीं है उनके हस्ताक्षर भर करवाए गए। यदि लिफाफा फटा हुआ था तो परीक्षा का आयोजन क्यों करवाया।
:१५ सितंबर २०१९ की परीक्षा सम्पन्न होने के बाद परीक्षा केंद्राधीक्षक और विजिलेंस ऑफिसर ने जो रिपोर्ट सौंपी उसमें नकल का जिक्र क्यों नहीं था।
: अगर नकल संबंधी शिकायत बाद में मिली थी तो परीक्षा का परिणाम २४ जनवरी २०२० को क्यों जारी किया गया जिसके आधार पर मेरिट निर्धारित होनी थी।
: अगर कहीं पेपर लीक हुआ तो इसकी सूचना सर्किल ऑफिस की ओर से ड्रायरेक्टे्रट को ९ फरवरी २०२० को होने वाले डाटा एंट्री स्किल टेस्ट से पहले क्यों नहीं दी गई। जिससे सभी सर्किलों पर स्किल टेस्ट स्थगित किया जा सके।
: इस एग्जाम से पहले यही परीक्षा १४ जुलाई २०१९ को सभी सर्किलों पर पूरे भारत में हुई थी लेकिन कई सर्किलों पर क्षेत्रीय भाषा के मतभेद के कारण उसे देशभर में रद्द कर दिया गया था एेसे में यदि १५ सितंबर २०१९ में परीक्षा का पेपर राजस्थान में लीक हुआ था तो सभी सर्किलों में परीक्षा रद्द क्यों नहीं की गई।
: विभाग ने आरटीआई में कहा कि हम पता नहीं कर पा रहे कि किस किस ने पेपर गलत तरीके से लिया है या कौन कौन से अभ्यार्थी गलत है तो विभाग ने यह कैसे आइडेंटिफाई कर लिया कि केवल ६ डिवीजन के अभ्यार्थियों ने ही धांधली की है।
: विभाग ने किस आधार पर ६ डिवीजन का ही रीएग्जाम करवाया। अगर माक्र्स के आधार पर रीएग्जाम लिया गया है जो जयपुर सिटी के अभ्यार्थियों का रीएग्जाम क्यों नहीं करवाया गया।
: विभाग ने 3 अप्रेल 2020 को जीडीएस से पीए, पोस्टमैन एमटीएस से पीए और जीडीएस से पोस्टमैन परीक्षा को रद्द करने का मैमोरेंडम जारी किया है जबकि जीडीएस, पोस्टमैन, एमटीएस से पीए परीक्षा 15 सितंबर 2019 को और जीडीएस से पोस्टमैन परीक्षा 29 सितंबर 2019 को हुई थी।
: अगर जीडीएस से पोस्टमैन परीक्षा जो कि 29 सितंबर 2019 को हुई थी उसमें धांधली नहीं की गई तो उसे क्यों रद्द किया गया।
:जीडीएस से पीए परीक्षा का आयोजन 15 सितंबर को करवाया गया जिसको प्रशासनिक कारण का हवाला देते हुए रद्द किया गया है । इस परीक्षा के बारे में जब आरटीआई से जानकारी मांगी गई तो बताया कि प्रकरण जांच अधीन है।
: अगर कहीं जांच चल रही थी तो जांच पूरी होने से पहले ही विभाग ने भर्ती को रद्द करने का आदेश क्यों जारी नहीं किया।

Rakhi Hajela Desk
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