सेना में महिलाओं को दें स्थायी कमीशन: सुप्रीम कोर्ट

लैंगिक समानता पर अहम फैसला: सरकार का रवैया भेवभावपूर्ण

By: anoop singh

Updated: 18 Feb 2020, 01:29 AM IST


नई दिल्ली.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक और मानसिक कारण बता महिला अधिकारियों को अवसर से वंचित करना न सिर्फ भेदभावपूर्ण है, बल्कि यह अस्वीकार्य है। कोर्ट ने कहा, केंद्र सरकार को अपने नजरिए और मानसिकता में बदलाव लाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि महिलाओं को सेना की लड़ाकू शाखाओं को छोड़ अन्य विभागों में स्थायी कमीशन दिया जाए। कोर्ट ने महिलाओं को कमांड न देने के सरकार के तर्क को भी गलत और भेदभाव पूर्ण बताया है। जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने केंद्र सरकार को तीन माह के भीतर कोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा है।

कोर्ट ने कहा-ये सेना का भी अपमान
- कमांड नियुक्तियों से महिलाओं का पूर्ण बहिष्कार संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है और अनुचित है।
-केंद्र का ये तर्क कि महिलाओं को केवल कर्मचारी नियुक्तियां दी जा सकती हैं, कानून सम्मत नहीं है।
- ऐसा करना महिलाओं के साथ-साथ सेना का भी अपमान है। महिला अफसरों ने सेना में खुद को साबित किया है।
- केंद्र सरकार का तर्क लैंगिक रूढिय़ों को समाज में बरकरार रखता है। 14 वर्ष के सेवाकाल का प्रावधान गलत है।

केंद्र का तर्क- महिलाओं की शारीरिक सीमाएं व घरेलू दायित्व
महिलाओं को कमांड नियुक्तियां देने के खिलाफ तर्क में केंद्र ने कहा, महिलाएं अपनी शारीरिक सीमाओं व घरेलू दायित्वों के कारण सैन्य चुनौतियों और खतरों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। केंद्र ने मुख्य रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से ली गईं पुरुष टुकडिय़ों की इकाइयों की कमांड महिलाओं को देने के समाजिक पहलूओं पर भी आशंका जताई थी।

महिला अफसरों का तर्क- हमारा रेकॉर्ड देखो
कोर्ट में सेना की महिला अफसरों ने केंद्र को जवाब दिया कि हमारा रेकॉर्ड देखा जा सकता है। सेना में दो दशक से ज्यादा समय तक सेवाएं दे चुकीं महिला अफसरों का कहना था कि हमने पुरुषों की टुकडिय़ों का शांति काल और ऑपरेशनों में नेतृत्व किया है। ग्रामीण पृष्टभूमि से आने वाले पुरुष सैनिक उनके आदेशों का पालन करते हैं।

कुल 10 शाखाओं में स्थायी कमीशन
केंद्र सरकार ने 25 फरवरी, 2019 को केंद्र ने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का नीतिगत निर्णय लिया था। इनमें सिग्नल, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स, सर्विस कोर, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर और इंटेलिजेंस शामिल हैं। इससे पूर्व सेना में जज एडवोकेट जनरल और आर्मी एजुकेशनल कोर में महिलाओं को स्थायी कमीशन मिलता था।

anoop singh Desk
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