आप हर निर्णय अपने स्तर पर कर लेते हैं-महापौर, रूल्स पढ़िए जरूरी नहीं है कि मैं हर फाइल मेयर तक भेजूं-आयुक्त

—हंगामें की भेंट चढ़ी नगर निगम ग्रेटर की ईसी बैठक
—तबियत खराब होने का हवाला देकर रवाना हुए आयुक्त
—ठेकेदारों की हड़ताल पर खफा नजर आए पार्षद
—आयुक्त बोले हर सवाल का जवाब संभव नहीं

By: Umesh Sharma

Published: 05 Apr 2021, 06:32 PM IST

जयपुर।

नगर निगम ग्रेटर के गठन के बाद सोमवार को हुई कार्यकारिणी समिति की पहली बैठक हंगामें की भेंट चढ़ गई। ठेकेदारों की हड़ताल, विकास कार्य नहीं होने जैसे मुद्दों को लेकर चेयरमैनों ने हंगामा किया तो आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव तबियत खराब होने का हवाला देकर बैठक को बीच में ही छोड़ गए। हालांकि बैठक के दौरान आयुक्त ने सभी चेयरमैनों के आरोपों का बेबाकी से जवाब दिया और साफ किया कि मैं हर पार्षद से मिलने की कोशिश करता हूं। मगर हर सवाल का जवाब मेरे लिए संभव नहीं है।

महापौर सौम्या गुर्जर के देर से आने की वजह से बैठक तय समय से थोड़ी देर से शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही ठेकेदारों की हड़ताल, बंद व खराब रोड लाइट्स, विकास कार्यों को लेकर नगर निगम आयुक्त और चेयरमैन आमने-सामने हो गए। आयुक्त और सदस्यों के बीच जमकर जुबानी जंग चली। बैठक में चैयरमेन ठेकेदारों को भुगतान करवाकर उनकी हड़ताल तुड़वाने और विकास कार्य करवाने की मांग की। इस पर आयुक्त ने निगम की तंग आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए तुरंत भुगतान की बजाय 10-15 दिन के अंदर ठेकेदारों को थोड़ा भुगतान करने का आश्वासन दिया। मगर चेयरमैन आयुक्त के इस जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए और हंगामा कर आयुक्त को घेरने लगे, जिसकी वजह से यज्ञमित्र सिंह देव तबियत खराब होने का हवाला देकर बैठक को बीच में ही छोड़ गए।

महापौर और आयुक्त हुए आमने-सामने

बैठक में मेयर सौम्या गुर्जर और आयुक्त भी आमने-सामने हो गए। दरअसल महापौर ने आरोप लगाया कि आप हर कोई निर्णय अपने स्तर पर कर लेते है। जबकि हर निर्णय में पहले मेयर और डिप्टी मेयर को जरूर शामिल करें। इस पर आयुक्त ने तपाक से जवाब दिया कि आप रूल्स पढ़िए। जरूरी नहीं है कि मैं हर फाइल मेयर तक भेजूं। आयुक्त के जवाब पर समिति चेयरमैन भड़क गए। मगर आयुक्त चुप नहीं हुए और कहा कि आप 150 है और मैं अकेला हूं। मुझे दिन में हजारों काम होते हैं, इसके बाद भी मैं हर पार्षद से मिलने की कोशिश करता हूं। अब हर सवाल का जवाब मेरे लिए संभव नहीं है।

चेयरमैन बोले, हमारे जूते खाने की नौबत आ गई

विकास कार्य व जनता के काम नहीं होने से नाराज समिति चेयरमैन और सदस्यों ने कहा कि पार्षदों के जनता जूते मारे, ऐसा काम किया जा रहा है। हमें पता ही नहीं चल पा रहा कि पैसा कहां खर्चा कर हो रहा है। आप तो एसी कमरे में बैठे हैं। जनता को हम फेस करते है। अगर नई सड़क नहीं बनवा सकते तो हमारी रोड्स का पैचवर्क ही करवा दो। बीपीसी चेयरमैन जितेंद्र श्रीमाली ने आयुक्त को घेरते हुए कहा कि निगम अधिकारी जनहित के कार्यों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। आज तक एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा कर आप अधिकारियों को शह देने का काम कर रहे हैं।

पार्षद कार्यालय नहीं बनाए, अधिकारी बोले जमीन उपलब्ध नहीं है

बैठक में कई पार्षदों ने अपने वार्ड कार्यालय नहीं बनने और उनके वर्क ऑर्डर निरस्त करने को लेकर भी हंगामा किया। इस पर अधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त का बचाव किया और कहा कि अधिकांश जगहों पर जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण ऐसा किया। इसके अलावा कई जमीनों का टाइटल भी क्लीयर नहीं है, जिसकी वजह से निर्माण की स्वीकृति निरस्त करनी पड़ी।

Umesh Sharma Reporting
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