भाजपा-कांग्रेस... सबसे बड़ी जीत वाले विधानसभा क्षेत्रों के हाल, परेशानी ज्यादा खुशी कम

santosh trivedi | Publish: Sep, 05 2018 10:15:58 AM (IST) | Updated: Sep, 05 2018 10:27:03 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर.भरतपुर। सत्तारूढ़ भाजपा दावे कर रही है कि प्रदेश में मतदाता खुश हैं। पत्रिका ने उन विधानसभा क्षेत्रों का सर्वे कर खुशियों का स्तर जाना, जहां २०१३ के चुनाव में भाजपा व कांग्रेस सबसे अधिक मतों से जीते थे। सांगानेर में शिक्षा, चिकित्सा में खास काम नहीं होने से लोग परेशान हैं। डीग-कुम्हेर के लोग आज भी मूलभूत समस्याओं का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट: विकास जैन, हीरेन जोशी

 

खुशियों का पैमाना
सांगानेर में अलग तहसील, मुख्यालय, कोर्ट सुविधाएं हैं, लेकिन सामान्य सुविधाओं के लिए लोग जयपुर पर ही निर्भर हैं। इनमे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, अच्छी सड़कों की सुविधाएं शामिल हैं।विधायक का दावा है कि सांगानेर जितना खर्च प्रदेश के किसी क्षेत्र में नहीं हुआ। कांग्रेस के संजय बापना को तिवाड़ी ने 50 हजार से अधिक मत से हराया।

 

कॉलेज और बड़ा अस्पताल नहीं
सांगानेर में आजादी के 6 दशक बाद तक भी सरकारी कॉलेज नहीं है। स्वास्थ्य आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भरोसे ही है। आज भी उसी को बड़ा अस्पताल यहां माना जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं है।

 

आमने-सामने
सांगानेर क्षेत्र में पिछले पांच सालों में जितना काम हुआ, उतना रिफाइनरी वाले इलाकों को छोड़कर किसी विधानसभा क्षेत्र में नहीं हुआ। 742 करोड़ से अधिक के काम अब तक हो चुके हैं, जो कहीं नहीं हुए।

घनश्याम तिवाड़ी, विधायक, सांगानेर

 

सांगानेर जयपुर का नजदीकी क्षेत्र है। लेकिन पांच सालों के दौरान यहां विकास न के बराबर है। पूरे पांच साल भाजपा विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े रहे, जनता की तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया।
संजय बापना, निकटतम कांग्रेस प्रत्याशी

 

डीग-कुम्हेर
जिले की ये इकलौती सीट थी, जो पिछले चुनाव में कांग्रेस के खाते में गई थी। 2013 के विधानसभा चुनाव में इस सामान्य सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी विश्वेंद्र सिंह ने जीत दर्ज की थी। जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा के डॉ. दिगंबर सिंह रहे थे। डीग व कुम्हेर ब्लॉक में शिक्षकों के 353 पद पद वर्ष 2008 में खाली थे। यह संख्या आज भी 186 है। डॉक्टरों की सर्वाधिक कमी डीग में है। अपराध के आंकड़े यहां वर्ष 2008 के बाद 14 प्रतिशत बढ़े हुए दर्ज किए गए हैं।

यह आंकड़ा खुद पुलिस के वार्षिक रिकॉर्ड का है। हालांकि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी हुई है, लेकिन मरीज कतारों से परेशान हैं। चंबल प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने से लोगों को पेयजल दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

 

आमने-सामने
मांढेरा रूंध वन क्षेत्र की चारदीवारी व अन्य कार्य के लिए गहलोत सरकार के समय ७.७६ करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। लेकिन भाजपा सरकार ने उसे निरस्त कर दिया। भाजपा सरकार ने हर क्षेत्र में प्रतिशोध की भावना से काम किया।
विश्वेंद्र सिंह, विधायक, डीग-कुम्हेर

 

आज भले ही वो व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन यहां पिछले 50 साल के इतिहास में विकास ही डॉ. दिगंबर सिंह ने सर्वाधिक कराया है। रही बात सरकार की तो सरकार ने समान भाव से राशि स्वीकृत कर काम कराए।
भानुप्रताप सिंह राजावत, जिलाध्यक्ष भाजपा

 

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