जयपुर जेल में पहुंची रिवाल्वर और कारतूस, ये बड़े गैंगस्टर बंद हैं वहां, गैंगवार का खतरा

gun or bullet found in jaipur Jail...राजू ठेहट और उसके साथी बंद हैं। साथ ही आनंदपाल गैंग से जुड़े बदमाश बंद हैं। वहीं लॉरेंस गैंग से जुड़े कुछ बदमाश भी यहां पर अलग—अलग रखे गए हैंं।

By: JAYANT SHARMA

Published: 01 Jul 2020, 10:57 AM IST


जयपुर
जयपुर जेल परिसर में होने वाली एक बड़ी गैंगवार फिलहाल टल गई है लेकिन एक घटना के बाद इस गैंगवार का अब डर अफसरों को सताने लगा है। दरअसल जेल परिसर में एक रिवाल्वर और तीन से चार कारतूस फेंके गए। ये किसने, किसके लिए और क्यों फेंके थे यही जानना अब बाकि है। जयपुर जिला जेल प्रशासन की ओर से फिलहाल लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। लालकोठी पुलिस आज से जांच शुरू करेगी। गौरतलब है कि आज से ठीक छह साल पहले साल 2014 में जुलाई के महीने में ही बीकानेर जेल में रिवाल्वर पहुंचाई गई थी। उसके बाद तीन कैदियों की हत्या हो गई थी।


जेल परिसर में इस जगह मिला पैकेट
दरअसल तीस फीस दीवारों और सुरक्षा तारों से चारों ओर से पैक जेल परिसर में पैकेट फेंका गया। अगले हिस्से में जयपुर सेंट्रल जेल, पूर्वी हिस्से में जयपुर जिला जेल और महिला कारागार का मुख्य दरवाजा है। हथियार पूर्वी हिस्से से फेंके गए जो जयपुर जिला जेल परिसर में मिले। वहां जेल प्रहरी सुरेश कुमार तैनात था। उसने जेल अफसरों को इस बारे में बताया। पैकेट खोलकर देखा गया तो उसमें से हथियार निकला। बाद में सुरेश ने ही लालकोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जयपुर जिला जेल, महिला जेल और जयपुर सेंट्रल जेल एक ही परिसर में बने हुए हैं। हांलाकि बाहर की ओर देखने के लिए या संभावितों पर बाहर से नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर नहीं हैं।


जयपुर जेल में बंद हैं ये बड़े बदमाश
जयपुर सेंट्रल जेल और जिला जेल में करीब दो हजार बंदी बंद हैं। इनमें कई खूंखार बंदी और आदतन अपराधी भी शामिल हैं। अधिकतर खूंखार बंदी और आदतन सेंट्रल जेल में हैं। वहां पर पिछले डेढ़ साल से राजू ठेहट और उसके साथी बंद हैं। साथ ही आनंदपाल गैंग से जुड़े बदमाश बंद हैं। वहीं लॉरेंस गैंग से जुड़े कुछ बदमाश भी यहां पर अलग—अलग रखे गए हैंं। पिछले काफी समय से जेल से किसी तरह के सुनियोजित अपराध की सूचना भी नही है। लेकिन इस घटना के बाद अफसर अब फिर से चिंजित हो गए हैं।


छह साल पहले तीन बंदियों की हुई थी हत्या, हुई थी बड़ी गैंगवार
23 जुलाई 2014 को जब नई बीकानेर सेंट्रल जेल का काम चल रहा था। उस समय एक मजदूर के हाथों बीकानेर जेल में रिवाल्वर भेजी गई थी। इसका खामियाजा ये रहा कि आनंदपाल के राइट हैंड माने जाने वाले बलवीर बानूडा की हत्या कर दी गई थी। दरअसल मैस में आनंदपाल को मारने के लिए गोली चलाई गई थी जो बलवीर को लगी। उसके बाद गोली चलाने वाले जयप्रकाश और उसके साथी रामपाल की आनंदपाल के साथियों और अन्य बंदियों ने ईंट से पीट—पीट कर हत्या कर दी थी। चार अन्य बंदी भी गंभीर घायल हुए थे। बाद में इस हत्याकांड के तार शेखावटी से जुडे थे। शराब माफियाओं का इस हत्याकांड में नाम सामने आया था।

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JAYANT SHARMA Desk
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