राजस्थान: गुर्जर समाज फिर ‘दो-फाड़’, एक 'इंतज़ार' के पक्ष में तो दूसरा आन्दोलन पर आमादा, जानें Latest Update

कैबिनेट सब कमेटी पुनर्गठन पर गुर्जर समाज एकमत नहीं, विरोध जता रहे वर्ग का मानना- सरकार फिर दे रही ‘लॉलीपॉप’, नाराज़ धड़े ने दी चेतावनी- ‘अब समाज करेगा, दुनिया देखेगी’, जबकि सरकार के पक्ष में भी उतरा एक धड़ा, सरकार का जताया आभार, कहा- ज़रूर मिलेगा न्याय, इंतज़ार करना होगा

 

By: nakul

Published: 29 Sep 2020, 10:45 AM IST

जयपुर।

राज्य सरकार ने भले ही सरकारी नौकरियों में एमबीसी वर्ग को आरक्षण मामले पर सब कमिटी का पुनर्गठन कर दिया हो, लेकिन गुर्जर समाज इस कदम पर एकमत नहीं है। सरकार के रवैये पर समाज दो धड़ों में बंटा नज़र आ रहा है। एक धडा जहां सरकार के फैसले के पक्ष में है तो वहीं दूसरा धड़ा इसे सरकार की ओर से समाज को फिर से दिया ‘लॉलीपॉप’ मानते हुए आन्दोलन पर आमादा है।

सब कमेटी पुनर्गठन का कोई औचित्य नहीं !
सरकार का विरोध जता रहे गुर्जर समाज के वर्ग की दलील है कि सरकार सब कमिटी का गठन करके मामले को और ज़्यादा खींचने की मंशा से काम कर रही है। जब सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देकर पूर्व में हुए समझौतों की पालना और अन्य मांगे मनवाने के लिए चेता दिया गया था तो अब सब कमेटी के पुनर्गठन का क्या औचित्य रह गया?

आन्दोलन पर उतरने के मूड में समाज
गुर्जर आरक्षण आन्दोलन समिति संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई वाला ये धड़ा अब भी मांगे मनवाने के लिए सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। समाज का ये वर्ग कभी भी आन्दोलन की रणनीति के अनुसार सडकों पर उतर सकता है जिससे मामला बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।

चेतावनी- ‘अब समाज करेगा, दुनिया देखेगी’
सरकार के रवैये का विरोध जता रहे गुर्जर नेता व कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पुत्र विजय बैंसला का कहना है कि सरकार को 15 दिन में समझौते की पालना करनी थी, अब सब-कमिटी का पुनर्गठन कर देरी की जारी है। उन्होंने फिर से चेतावनी देते हुए कहा है कि अब समाज करेगा और दुनिया देखेगी।

‘हालात बिगड़े तो सरकार ज़िम्मेदार’
बैंसला ने कहा कि सरकार जल्द से जल्द पूर्व में हुए समझौते के बिन्दुओं को लागू करे। साथ ही एमबीसी वर्ग को पूर्व की सरकारी नौकरियों के बैकलॉग भरने और प्रक्रियाधीन भर्तियों में चार प्र्रतिशत आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करे। वहीं मृतक गुर्जरों को मुआवजा, पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने सहित अन्य मांगों को पूरा किया जाए। ऐसा जल्द नहीं हुआ तो प्रदेश में बिगड़े हालातों की ज़िम्मेदार सरकार ही होगी।

... तो वहीं सरकार के पक्ष में उतरा एक धड़ा
वहीं गुर्जर समाज का ही एक धड़ा सरकार के सब-कमेटी के पुनर्गठन के पक्ष में खड़ा हो गया है। इस धड़े का मानना है कि समाज को धैर्य रखना चाहिए। पहले भी सब-कमेटियों के फैसलों का लाभ समाज को मिला है और इस बार भी ऐसा ही होने का इंतज़ार करना होगा।

‘न्याय मिलने का करना होगा कुछ इंतज़ार’
गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा कि सरकार ने एमबीसी आरक्षण सहित अन्य मामलों पर विचार करने के लिए सब कमेटी का पुनर्गठन कर कदम आगे बढाए हैं जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विशवास है कि नई सब कमेटी एमबीसी युवाओं की बात सुनेगी और इस वर्ग के साथ न्याय करेगी।

‘तर्क संगत बात हो तो ज़रूर मिलेगा लाभ’
हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा कि पिछले तेरह साल से तत्कालीन सरकारों द्वारा सब कमेटी का गठन किया गया और कमेटी के ही निर्णय से एमबीसी वर्ग को लाभ मिला है। यदि सब कमेटी के सामने पिछले तेरह साल में हुए समझौते व एमबीसी आरक्षण की जानकारी रखने वाले लोग के द्वारा तर्क संगत, तथ्यात्मक आँकड़ों के साथ वार्ता की जाती है तो लाभ ज़रूर मिलेगा।

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