Gurjar Reservation in RAS Exams: गुर्जरों आंदोलन की चेतावनी के बाद फिर बैकफुट पर सरकार, मानी सभी मांगे!

Nakul Devarshi | Updated: 24 Jun 2019, 01:32:41 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Gurjar Caste Reservation in RAS Exams in Rajasthan, Kirori Bainsla meets Chief Minister Ashok Gehlot

जयपुर।

गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ( Gurjar Leader Kirori Singh Bainsla ) ने रविवार रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) से मुलाकात के बाद आंदोलन ( gurjar aarakshan 2019 latest news ) की चेतावनी वापस लेने की घोषणा की है। RAS परीक्षा में आरक्षण की मांग ( Gurjar Reservation in RAS Exams in Rajasthan ) को लेकर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी सभी मांगे मान ली हैं।

 

मुख्यमंत्री के साथ वार्ता में गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, उनके पुत्र विजय बैंसला ( vijay bainsla ), आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारी अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री जितेन्द्र सिंह व आइएएस नीरज के पवन उपस्थित थे।

 

ये था मामला
गुर्जरों के मांग पत्र में मुख्य मुद्दा आरएएस भर्ती परीक्षा को लेकर था। आरएएस 2018 की विज्ञप्ति जारी होने के समय एमबीसी को एक प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। इसके बाद सरकार ने पांच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कर दिया।

 

गुर्जर आरएएस 2018 में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे थे। इस पर सरकार ने कहा कि पांच प्रतिशत के अनुसार एमबीसी के 36 पद बनते हैं। आरएएस प्री में एमबीसी के 627 अभ्यर्थी पास हुए हैं, जो एक पद के मुकाबले पन्द्रह से अधिक है। सरकार ने एमबीसी को पांच प्रतिशत आरक्षण का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन अन्य र्भिर्तयों के लिए भी दिया है। इसके अलावा वर्ष 2009 से 2016 के बैकलॉग के मुद्दे पर सरकार ने कानूनी हल निकालने का वादा किया है। करीब 12 हजार पदों के इस मामले में कोर्ट में एसएलपी भी लम्बित है।

 

दी जाएगी सहायता
गुर्जर आंदोलन में घायलों की मृत्यु होने वाले मामलों में मांग थी कि इनके परिजनों को र्आिथक सहायता व नौकरी दी जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिसे घायल का मुआवजा मिला था, उस मामले में परिजनों को सभी सहायता दी जाएगी। बैंसला ने कहा है कि सरकार ने मुख्य मांग मान ली हैं, इसके अलावा मुकदमे वापस लेने और अन्य मांगों पर भी सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। इसके बाद हमने आंदोलन की चेतावनी वापस लेने का निर्णय लिया है।

 

... और इधर गुर्जर समाज ने बेनीवाल के प्रति जताया रोष
नागौर से आरएलपी के सांसद हनुमान बेनीवाल के डकैत जगन गुर्जर का एनकाउंटर करने की मांग को गुर्जर समाज ने संकीर्ण मानसिकता कऱार दिया है। गुर्जर समाज तहसील फुलेरा के अध्यक्ष धीरूभाई रिणगी, महासचिव रूपचंद भड़ाना, सहदेव हाकला, शोभाराम भड़ाना, बरडोटी सरपंच मूलचंद गुर्जर, हनुमान तंवर सहित दर्जनों लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भेजा है और बेनीवाल के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

 

ज्ञापन में लिखा है कि डकैतों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के मुद्दे तो जनप्रतिनिधि उठाते आए हैं, लेकिन बेनीवाल एनकाउंटर का मुद्दा उठाकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना चाहते हैं। गुर्जर समाज ने हनुमान बेनीवाल से इस मामले में माफी मांगने की भी मांग की है। धीरूभाई ने कहा कि गुर्जर समाज डकैत जगन गुर्जर का पक्ष नहीं लेता, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत ही उसे सजा दी जाए। जगन ने सरेंडर कर सामाजिक जीवन जीने की इच्छा जाहिर की थी मगर प्रशासनिक धोखे ने उसे फिर से आतंक मचाने पर मजबूर कर दिया।

 

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