वीवीआइपी इलाकों में भूजल की उलटी चाल...राजभवन में चार मीटर नीचे गया भूजल स्तर...

Anand Prakash Yadav

Updated: 16 Aug 2019, 09:29:23 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। प्रदेशभर में चलाए गए मुख्यमत्री जल स्वावलंबन अभियान के बावजूद वर्षा जल सहेजने में सरकारी व्यवस्था और आमजन की उदासीनता आड़े आ रही है। जयपुर जिले के 15 ब्लॉक में से अधिकांश इलाकों में हुए मानसून पूर्व भूजल मापन में चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जिले के ग्रामीण इलाकों में जहां कुछ जगहों पर भूजल स्तर में आंशिक गिरावट दर्ज हुई है वहीं प्रदेश के सबसे वीवीआइपी राजभवन में ही इस बार मानसून पूर्व हुए मापन में भूजल का आकंड़ा चार मीटर से ज्यादा नीचे चला गया है। हालांकि रविंद्रमंच क्षेत्र में इस बार बीते साल की तुलना में करीब 40 सेमी भूजलस्तर में बढ़ोतरी रेकॉर्ड हुई है।
गौरतलब है कि प्रदेश का भूजल विभाग हर साल मानसून के आगमन से पहले और विदा होने के बाद प्रदेशभर में भूजल स्तर का मापन करता है। बीते साल मानसून विदाई के बाद जयपुर जिले के कई इलाकों में भूजल एक से पांच मीटर तक बढ़ गया। वहीं बीते साल मानसून पूर्व हुए भूजल स्तर मापन की तुलना में इस बार भी भूजल स्तर में उतार चढ़ाव नजर आया है। बीते साल जिले में सामान्य वर्षा रहने के बाद भी जिले के विभिन्न ब्लॉक के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। इस बार जिले के भांकरोटा,बस्सी और शिवदासपुरा में मानसून पूर्व भूजल स्तर में आंशिक गिरावट रही। जबकि प्रदेश के सबसे वीवीआइपी राजभवन में इस बार सर्वाधिक चार मीटर गिरावट मापी गई। मालूम हो राजभवन, रविंद्र मंच समेत कई इलाकों में वर्षा जल पुर्नभरण टांको से वर्षा जल भूगर्भ तक पहुंचाने की प्रक्रिया बीते कई वर्षों से जारी है बावजूद इसके राजभवन के भूजल स्तर में गिरावट ने सरकारी व्यवस्था के साथ ही वर्षा जल संरक्षण में आमजन की उदासीनता पर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नीति आयोग भी जता चुका है चिंता
बीते दिनों नीति आयोग की ओर से प्रदेश के पांच जिलों समेत देश के 21 शहरों में अगले साल तक भूजल खत्म होने की रिपोर्ट जारी की गई। प्रदेश में राजधानी जयपुर समेत जैसलमेर, जोधपुर,बीकानेर और अजमेर में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए नीति आयोग ने अगलीे साल तक भूजल खत्म होने का खुलासा किया है।


— फैक्ट फाइल
राज्य में कुल भूजल ब्लॉक हैं 248
इनमें से डार्क जोन मे हैं 164
26 जिले हैं डार्क जोन में
इनमें से 13 ब्लॉक हैं जयपुर में
12 डार्क जोन व एक क्रिटिकल श्रेणी में है ब्लॉक
रोजाना 15 करोड़ लीटर होता है भूजल दोहन
जयपुर में दो हजार ट्यूबवैलों से खींचा जाता है भूजल
बीते एक साल में औसतन एक मीटर से ज्यादा हुई भूजल स्तर में गिरावट

 

— प्री मानसून भूजल स्तर की स्थिति
प्री मानसून 2018 2019

राजभवन 22.30 26.90
गवर्नमेंट हॉस्टल 73.20 59.10
सिरसी 75.90 77.20
झोटवाड़ा 69.20 70.30
रविंद्र मंच 47.20 46.70
विद्याधर नगर 74.20 73.10
बंधे के बालाजी 35.36 41.40
कानोता 54.40 55.50
बस्सी 55.55 55.90
आमेर 39.45 42.50
शिवदासपुरा 22.80 22.40
सांगानेर 42.50 43.10
भांकरोटा 71.10 65.40
दुर्गापुरा 63.20 67.70
मुहाना 44.60 54.20
महल .... 56.20
— भूजल स्तर मीटर में

जयपुर जिले में ब्लॉकवार भूजल का औसत जलस्तर
ब्लॉक मापन मीटर में
आमेर > 57.25
बैराठ > 41.83
बस्सी > 47.16
चाकसू > 12.76
दूदू> 16.92
गोविंदगढ़> 59.91
जालसू > 60.72
जमवा रामगढ— 50.25
झोटवाड़ा— 58.74
कोटपूतली— 48.60
पावटा — 43.94
फागी— 11.19
सांभर— 36.89
सांगानेर— 48.89
शाहपुरा— 64.55

 

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