‘ज्ञानदूत’ कार्यक्रम: कॉलेज स्टूडेंट्स को पढ़ाई से जोडऩे का प्रयास

कॉलेज शिक्षा का ‘ज्ञानदूत’ कार्यक्रम

घर बैठे स्टूडेंट्स की होंगी ऑनलाइव लाइव क्लास
क्लास से जुडऩे के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क
रोजना सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेंगी क्लास
यूजी और पीजी के स्टूडेंट्स जुड़ सकेंगे ज्ञानदूत से
जून के प्रथम सप्ताह से शुरू होंगी क्लासेज

By: Rakhi Hajela

Published: 27 May 2021, 04:03 PM IST



जयपुर, 27 मई
एक ओर राज्य के कॉलेज और यूनिवर्सिटीज (cOLLEGES N UNIVERSITIES) में समर वेकेशन (Summer Vacation) चल रहा है तो दूसरी ओर कोविड के कारण स्टूडेंट्स में भी असमंजस और निराशा है और वह स्थितियां सामान्य होने के बाद एक बार फिर पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे ही स्टूडेंट्स के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय(College education commissioner) , जिसने स्टूडेंट्स को इस निराशा से बाहर निकालने और पढ़ाई से जोडऩे के लिए शुरू किया है ‘ज्ञानदूत कार्यक्रम’। एक ऐसा कार्यक्रम जिसमें राज्य के सभी कॉलेजों के यूजी और पीजी के स्टूडेंट्स फ्री ऑफ कॉस्ट ऑनलाइन लाइव क्लास के जरिए पढ़ाई से जुड़ सकेंगे।
नहीं देनी होगी कोई फीस
गौरतलब है कि यह योजना निशुल्क मॉडल पर आधारित है इसलिए इसमें स्टूडेंट्स को कोई फीस नहीं देनी होगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे संचालित किया जाएगा जिस पर अधिकतम 10 हजार रुपए खर्च होंगे यह खर्च कॉलेज अपने स्थानीय मद से कर सकेंगे।

जून से होगी क्लास की शुरुआत
स्टूडेंट्स के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 3 जून से शुरू होगी। योजना की शुरुआत जून से पहले सप्ताह से की जाएगी और 30 जून तक इसका संचालन होगा। स्टूडेंट्स की जरूरत और डिमांड को देखते हुए 31 जुलाई तक भी संचालित किया जा सकता है। क्लास का समय सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक रहेगा। क्लास ऑनलाइन लाइव मोड में ही होंगी। इन क्लास में रोज 30 30 मिनट्स के अलग अलग विषयों के अधिकतम 4 सत्र आयोजित करवाए जा सकेंगे। जानकारी के मुताबिक इन क्लासेज में उन विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी जो परीक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन क्लासेज के संचालन के लिए तीन से चार विषय विशेषज्ञों के समूह बनाए जाएंगे और कॉलेजों को ज्ञानदूत के तहत ऑनलाइन लाइव क्लास संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
टीचर्स स्वेच्छा से देंगे सेवा
ज्ञानदूत की खासियत है कि इसमें टीचर्स को कॉलेज आयुक्तालय की ओर से क्लास लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा। टीचर्स अपनी मर्जी से इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। टीचर्स 2 जून तक अपना रजिस्टे्रशन करवा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में टीचर्स ने इस कार्यक्रम से जुडऩे में रुचि दिखाई है। टीचर्स अपना रजिस्टे्रशन के http://forms.gle/QjAjgCAnHKAkim5U8 जरिए करवा सकेंगे। इस साइट में दिया गया फार्मेट भरकर पर [email protected] भेजना होगा।
‘ज्ञानदूत’ से मिलेगा यह फायदा
: समर वेकेशन में कोर्स के अनुरूप स्टूडेंट्स को लाइव ऑनलाइन क्लास से टॉपिक्स समझने का मिलेगा अवसर
: घर बैठे कर सकेंगे परीक्षा की तैयारी
: एकेडमिक समस्याओं का होगा समाधान
: स्टूडेंट्स की भागीदारी से शिक्षण संस्थानों को उनके वार्षिक मूल्यांकन और राष्ट्रीय मूल्यांकन में फायदा मिलेगा।
: टीचर्स भी अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का उपयोग कर सकेंगे
: कार्यक्रम के माध्यम से जो ई कंटेंट तैयार होगा उसे भविष्य में भी ऑनलाइन ऑफलाइन उपयोग में लिया जा सकेगा।
: विपरीत परिस्थितियों में वैकल्पिक शिक्षण की व्यवस्था संभव हो सकेगी।
: कोविड काल में घर बैठे टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों में नई ऊर्जा का संचार होगा और वह निराशा के वातावरण से बाहर आ सकेंगे।
इनका कहना है,
कोविड के कारण हर जगह निराशा का वातावरण है खासतौर पर युवा वर्ग अपने करियर और पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में है। राज्य के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले इन्हीं युवाओं को हम पढ़ाई से जोडऩे का प्रयास ज्ञानदूत के जरिए कर रहे हैं।
संदेश नायक, आयुक्त
कॉलेज शिक्षा।

Rakhi Hajela Desk
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