Hanuman Beniwal की Jyoti Mirdha को खींवसर उपचुनाव लड़ने की खुली चुनौती, गरमाई सियासत

Hanuman Beniwal की Jyoti Mirdha को खींवसर उपचुनाव लड़ने की खुली चुनौती, गरमाई सियासत

Nakul Devarshi | Updated: 30 Aug 2019, 12:53:13 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

राजस्थान से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ( Nagaur MP Hanuman Beniwal ) ने पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा ( Jyoti Mirdha ) को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। बेनीवाल ने मिर्धा को खींवसर विधानसभा क्षेत्र ( Khinwsar Bye-polls ) के प्रस्तावित उपचुनाव में चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया है।

नागौर।

राजस्थान से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को फिर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। बेनीवाल ने मिर्धा को खींवसर विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित उपचुनाव में चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि खींवसर सीट से हनुमान बेनीवाल खुद विधायक निर्वाचित हुए थे। लेकिन उन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और सांसद बन गए। इसके बाद से खींवसर सीट रिक्त है और यहां उपचुनाव होने हैं।

 

बेनीवाल की 'ललकार'
गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुए महापड़ाव को सम्बोधित करने के दौरान बेनीवाल ने पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को फिर से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। उन्होंने पूर्व सांसद को चुनौती देते हुए कहा कि खींवसर विधानसभा में उप चुनाव है, हिम्मत है तो चुनाव लड़े। वहीं ज्योति मिर्धा द्वारा बुधवार को सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर भी बेनीवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि फेसबुक से राजनीति नहीं होती, जमीन पर संघर्ष करना पड़ता है।

ये लिखा ज्योति मिर्धा ने

ज्योति मिर्धा ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डाली है जिसमें लिखा है, ''गौचर भूमि पर बंजारों का अतिक्रमण हटाना हाई कोर्ट का निर्देश था, ये नेताजी को भली भांति ज्ञात था, तभी स्वयं मौके पर ना पहुंच अपनी पार्टी के विधायकों को माहौल ख़राब करने भेजा। प्रशासन की समझाईश के बाद शांतिपूर्वक चलती कार्यवाही में सुनियोजित तरीक़े से (विधायकों का बयान है की उन्हें नेताजी ने निर्देशित करा) दोनों एमएलए घटनास्थल पर पहुंचे और व्यवधान डाला, भीड़ को भड़काया और एक निर्दोष को केवल और केवल इनकी, और इनके नेता की वजह से जान गंवानी पड़ी। लाशों पर राजनीति नेताजी के लिए नई बात नहीं....। जनता को भी सोचना चाहिए कि उनके आशीर्वाद से सांसद बने नेताजी ख़ुद क्यूँ नहीं पहुंचे बंजारा बस्ती?....ना ही अपने भाई को भेजा और तो और अपने ख़ास चमचों को भी ग़ायब रखा.....विधायकों के दलित होने की दुहाई देते हैं फिर उनका मोहरा बना उपयोग कर अब राजनीतिक रोटियां सेकने का मौक़ा नहीं गंवाना चाह रहे सो पड़ाव....धरने ... प्रदर्शन की बात कह रहे हैं। नेताजी, मोदी जी की कृपा से आपका क़द मोटर साइकल छुड़ाने से ऊपर उठ गया है, कृपया समझें.... लोकसभा में 37 दिनों में 35 बोलना अध्यक्ष जी की कृपा है, काम क्या करवाया इसका विवरण दें, मैंने पीने का पानी ला दिया आख़िर आप कब ला रहे हैं नागौर में सिंचाई का पानी? वैसे तो मुझे पूरा विश्वास है आप सब के घर चूल्हा नहीं जला होगा जिस दिन अतिक्रमण हटे, पर जहां मैंने ‘चाय’ पी अगले दिन आप भी पीने पहुंच गए..... भाई, हम नेता हैं, आप जैसे गिद्ध नहीं, कि लोगों के घर उजड़ें या किसी ग़रीब की जान जाए तो हम घात लगा कर बैठें की भला मौक़ा आया, लपक लो!!....कुछ चीज़ें वोट की राजनीति से ऊपर होती हैं और उन्हें वहीं रहने देना चाहिए। पर कोई इंसानियत समझे तब ना। इस पूरे प्रकरण में सरकार से अनुशंसा करूंगी की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। मृतक के परिवार को सहायता और वास्तव में जिन बंजारों के पास भूमि नहीं है, उनके पुनर्वास में मदद सरकार मदद करे।

 

... इधर महापड़ाव शुरू, सांसद ने धरना स्थल पर बिताई पूरी रात
राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल का विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू हो गया है। उनके साथ चार विधायक, कई जनप्रतिनिधि और सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण भी पड़ाव स्थल पर डटे हुए हैं। सांसद और विधायकों सहित सभी प्रदर्शनकारियों ने पूरी रात पड़ाव स्थल पर ही बिताई।

 

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दरअसल, नागौर के ताऊसर ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने के बाद बेघर हुए बंजारा जाति के लोगों के पुनर्वास व नागौर एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर महापड़ाव शुरू किया गया है। सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में गुरुवार को पशु प्रदर्शनी स्थल पर शुरू हुए पड़ाव अनिश्चितकाल का है।

 

इससे पहले गुरुवार को पड़ाव स्थल पर दिनभर सभा चली। जनसभा के बाद सांसद बेनीवाल के नेतृत्व में प्रशासन की ओर से आए सीईओ जवाहर चौधरी को मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर देर शाम तक सहमति नहीं बनने पर बेनीवाल ने अनिश्चितकालीन महापड़ाव की घोषणा कर दी।

 

खाने-बिस्तरों की व्यवस्था
महापड़ाव में शामिल लोगों के लिए पशु प्रदर्शनी स्थल पर खाने व बिस्तरों की व्यवस्था की गई। सांसद बेनीवाल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक वे उठेंगे नहीं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बंजारों का पुनर्वास करें, नहीं तो परिणाम भुगतने को तैयार रहे।

 

बेनीवाल बोले, 'अब नहीं देंगें ज्ञापन'
तीन दिन पूर्व कलक्ट्रेट के सामने अधिकारियों द्वारा सहमति जताने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं करने पर सांसद ने कहा कि इस बार ज्ञापन देकर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि थूक कर चाटने वाले अधिकारियों को सरकार हमारे पास नहीं भेजे। जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक वे यहां से उठेंगे नहीं।

 

एक करोड़ देने की घोषणा
सांसद बेनीवाल ने कहा कि सरकार जोधपुर के सामड़ाऊ की तरह पैकेज की घोषणा करे। इसके बाद वे एक करोड़ रुपए सांसद कोष से दे देंगे। यदि सरकार अनुमति देगी तो विधायकों से भी कुछ राशि दिलवाएंगे। उन्होंने बंजारा समाज को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार यदि पैकेज नहीं देगी तो वे झोली लेकर घूमेंगे और चंदा एकत्र कर मकान बनाएंगे।

 

ये हैं मांगें
- बेघर हुए बंजारों का पुनर्वास किया जाए।
- बंजारों के तोड़े गए मकानों की एवज मेंं जोधपुर के सामड़ाऊ की तर्ज पर विशेष पैकेज दिया जाए।
- नागौर जिला कलक्टर, एसपी, एसडीएम व सीओ एससीएसटी सेल को हटाया जाए।
- विधायकों द्वारा दी गई रिपोर्ट पर एसडीएम के खिलाफ मामला दर्ज कर तत्काल एफआईआर की कॉपी उपलब्ध करवाएं।
- सदमे से मरे बंजारा समाज के किशोर महेंद्र की मौत के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाए।
- पूरे प्रदेश में जो भूमिहीन अंगोर व गोचर पर बसे हैं, उनकी जमीन की किस्म बदलकर उन्हें राहत दी जाए।
- प्रकरण के लिए एसआईटी गठित की जाए।

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