नागौरी बैलों के लिए प्रख्यात रामदेव मेले के आयोजन पर संकट, मगर बेनीवाल ने सरकार के समक्ष रखी ये मांग

नागौर जिला मुख्यालय पर हर साल होने वाले रामदेव पशु मेले के आयोजन की अनुमति को लेकर शनिवार को किसानों व पशुपालकों ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद बेनीवाल ने कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया से दूरभाष पर वार्ता की।

By: Umesh Sharma

Published: 06 Feb 2021, 07:44 PM IST

जयपुर।

नागौर जिला मुख्यालय पर हर साल होने वाले रामदेव पशु मेले के आयोजन की अनुमति को लेकर शनिवार को किसानों व पशुपालकों ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद बेनीवाल ने कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया से दूरभाष पर वार्ता की।

बेनीवाल ने सीएम गहलोत व मंत्री कटारिया को लिखे पत्र में बताया कि नागौर जिला मुख्यालय पर प्रत्येक वर्ष रामदेव पशु मेले का आयोजन होता आ रहा है। यह मेला न केवल नागौर बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों व देश के अन्य प्रदेशों के किसानों व पशुपालकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोरोना के संकट काल में किसान व पशुपालक भी आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं, ऐसे में इस तरह मेले के आयोजन को कोरोना का कारण बताकर रद्द करना न्याय संगत नहीं है। इससे पहले बेनीवाल ने शनिवार को आवास पर जन सुनवाई की और जन समस्याओं को सुना।

मेला आयोजन के लिए ये दिया तर्क

बेनीवाल ने पत्र में लिखा है कि कोरोना के काल में गाइडलाइन से सभाओं, सामाजिक कार्यक्रमों व अन्य आयोजनों की अनुमति दी जा रही है। एेसे पशु मेले को रद्दा करना किसानों व पशुपालकों के हितों के खिलाफ होगा। सांसद ने कहा कि यह मेला नागौरी बैलों को लेकर प्रसिद्ध है औरर मेले के आयोजन को लेकर कई राज्यो के पशुपालक टकटकी निगाहों से देख रहे है।

Umesh Sharma Reporting
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