फलदायी है ये पाठ, मन की हर मुराद पूरी कर देंगे हनुमानजी

मंगलवार का दिन हनुमानजी की पूजा के लिए भी जाना जाता है। वे साहस-शौर्य-पराक्रम के साथ विवेक के भी प्रतीक हैं. कलयुग में तो हनुमानजी की प्रसन्नता जरूरी है। उनकी कृपा रहने पर व्यक्ति पराक्रमी बनता है, स्वस्थ रहता है, शत्रु उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाते।

By: deepak deewan

Updated: 14 Jul 2020, 08:07 AM IST

जयपुर। मंगलवार का दिन हनुमानजी की पूजा के लिए भी जाना जाता है। वे साहस-शौर्य-पराक्रम के साथ विवेक के भी प्रतीक हैं. कलयुग में तो हनुमानजी की प्रसन्नता जरूरी है। उनकी कृपा रहने पर व्यक्ति पराक्रमी बनता है, स्वस्थ रहता है, शत्रु उसका कुछ बिगाड़ नहीं पाते।

ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि हनुमानजी कलयुग के सबसे आराध्य देव हैं। हनुमानजी की प्रसन्नता के लिए प्राय: हनुमानचालीसा का पाठ किया जाता है. दरअसल हनुमानचालीसा का पाठ करना सबसे ज्यादा आसान भी रहता है और उसका फल भी जरूर प्राप्त होता है। मंगलवार के दिन हनुमानचालीसा का पाठ सबसे उत्तम माना जाता है। हनुमानचालीसा का पाठ बेहद सरल है पर इसे नियमपूर्वक किया जाना चाहिए। हनुमानजी की पूजा में नियमों का पालन बहुत जरूरी है। इससे पाठ बहुत फलदायक रहता है।

मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें

हनुमानचालीसा पाठ का एक विशेष प्रयोग भी है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इसका सात बार पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है - हनुमानचालीसा में लिखा भी है -

जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहिं बंदी महा सुख होई-

यानि हनुमानचालीसा का सात बार का नियमित रूप से पाठ करने से महासुख मिलता है, यहां तक कि बंदी कारागृह से मुक्त हो सकता है। भावार्थ यह है कि हनुमानचालीसा का सात बार का पाठ करने जीवन का ऐसा कोई सुख नहीं है जोकि प्राप्त नहीं किया जा सके। किसी भी मंगलवार से यह काम शुरु करें और नियमित रूप से 40 दिनों तक रोज हनुमानचालीसा का सात बार पाठ करें। पाठ पूरा होने के बाद जल्द ही आपके मन की मुराद पूरी हो जाएगी। इस दौरान हो सके तो विशेषरूप से मंगलवार के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

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