परिवार और दोस्तों के साथ जीन से भी जुड़ा 'खुशी का विज्ञानÓ


हैप्पीनेस प्रोजेक्ट: वैज्ञानिक शोधों से समझिए खुशी का फॉर्मूला
खुशी का रहस्य क्या है? इस प्रश्न का जवाब सभ्यताओं के विकास से ही खोजा जाता रहा। हर किसी के लिए खुशी के अलग मायने हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के न्यूरोसाइंटिस्ट ने खुशहाल जिंदगी के लिए गेमिंग ऐप 'हैप्पीनेस प्रोजेक्टÓ के जरिए खुशी का वैज्ञानिक फॉर्मूला बताया है।

By: Archana Kumawat

Published: 12 Jun 2021, 06:52 PM IST

निर्णय क्षमता
शोधकर्ता प्रोफेसर रॉब रूटलेज का कहना है कि खुशी के साथ ही दिमाग में एक भी नकारात्मक विचार आ जाए तो यह कम हो जाती है, लेकिन एक निश्चित समय की खुशी आपको अनुकूल निर्णय लेने की क्षमता देती है।
आमदनी
पैसा भी प्रसन्नता से जुड़ा है। एक वित्तीय शोध से सामने आया कि ब्रिटेन में करीब ३० हजार पाउंड यानी तीन लाख सैलेरी पाने वाले लोग ज्यादा खुश हैं। दस शीर्ष खुशहाल देशों में औसत आमदनी करीब ६४ हजार पाउंड है।
काम के घंटे
काम और जीवन का संतुलन बेहद जरूरी है। लॉकडाउन से पहले कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार काम के कम घंटे मनोवैज्ञानिक लाभ पहुंचाते हैं। ऐसे लोग कम समय में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

खुशी का फॉर्मूला
गेमिंग ऐप 'द हैप्पीनेस प्रोजेक्टÓ में खेल के माध्यम से लोगों को अपनी निर्णय क्षमता जांचने का मौका दिया। १८,४२० लोगों से एकत्रित डेटा को ब्रेन के एमआरआइ स्कैन के साथ जोड़ा गया। शोध में यह पाया गया कि खुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि हम कितना बेहतर कर सकते हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि हमने अपेक्षा से कितना बेहतर किया।

हैप्पी जीनआनंद का स्तर जीन पर भी निर्भर करता है। येल यूनिवर्सिटी के शोध से सामने आया कि उन लोगों की शादियां ज्यादा सुरक्षित थी, जिनमें जीन की समानता थीं।
दोस्त हार्वर्ड विवि के ८० साल के शोध में पाया गया कि करीबी दोस्त खुशी की कुंजी हैं। यदि आपके पास पांच करीबी दोस्त भी हैं तो आप हमेशा प्रसन्न रहेंगे।

परिवार परिवार का आकार खुशी का बड़ा कारक है। एक अमरीकी शोध के मुताबिक दो बच्चे आदर्श हैं। लेकिन बेहतर तालमेल वाले बड़े परिवार भी हमेशा खुश रहते हैं।

Archana Kumawat
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