खौफनाक दास्तान: वसूली के लिए दरिंदों ने तोड़े दांत, कई घंटे दबाए रखी प्लास से अंगुलियां

खौफनाक दास्तान: वसूली के लिए दरिंदों ने तोड़े दांत, कई घंटे दबाए रखी प्लास से अंगुलियां

kamlesh sharma | Updated: 17 Jul 2019, 09:15:50 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

हरियाणा गैंग के शातिर बदमाश लूट-पाट के लिए यातानाएं देने की हद पार कर देते थे। इतना मारते और प्रताडित करते थे कि अपहृताओं को मजबूर होकर अपने रिश्तेदारों, परिचितों को कॉल करके बदमाशों को रुपए दिलवाने पड़ते थे।

देवेन्द्र शर्मा/जयपुर। हरियाणा गैंग के शातिर बदमाश लूट-पाट के लिए यातानाएं देने की हद पार कर देते थे। इतना मारते और प्रताडित करते थे कि अपहृताओं को मजबूर होकर अपने रिश्तेदारों, परिचितों को कॉल करके बदमाशों को रुपए दिलवाने पड़ते थे।

अक्टूबर 2018 में शाहजहांपुर निवासी अनन्न और कोटपूतली निवासी अनिल शेखावत ने पुलिस आयुक्तालय में पहुंचकर आपबीती सुनाई। अगर इनकी रिपोर्ट पर उसी वक्त गंभीरता से कार्रवाई की गई होती तो अन्य लोग बच जाते।

जानकारी यह भी है कि इन दोनों परिवादियों की सांगानेर सदर थाने में रिपोर्ट भी दो दिन बाद दर्ज की गई, जिसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। पीडि़तों ने उनके साथ लूटपाट करने वालों की तस्वीरें भी दी है।

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टॉर्चर और वसूली की कहानी पीड़ितों की जुबानी
रवि नाम के व्यक्ति ने सुमित से बात करवाई, निवेश का झांसा देकर जयपुर बुलाया। 15 अक्टूबर को जयपुर आए थे। राहुल ने टोंक रोड बंबाला पुलिया के पास होटल का रूम बुक करवाया। दो-तीन घंटे ही वहां रुके थे कि राहुल कार लेकर आ गया और बिठा कर ले गया। कुछ दूरी पर ही दो-दो व्यक्ति कार में आकर बैठे और मारपीट कर अंगुठी, चेन और मोबाइल छीन लिए।

वाटिका के सूनसान इलाके में ले जाकर के हथौड़ों से मारपीट की। अनिल के सामने का दांत तोड़ दिया। देररात को दो और लड़के होटल जाकर हमारी कार को भी ले गए। आज तक वह भी नहीं मिली है। कभी पिस्तौल दिखाकर धमकाते तो कभी सिगरेट से जलाते। आरोपियों ने ब्लेड से भी कई जगह वार किए। प्लास से अंगुलियों को दबाए रखते। इतना डर चुके थे कि बस जिंदा बचना चाहते थे।

हमने अपने अकाउंट, रिश्तेदारों, परिचितों से बातचीत करीब 14 लाख रुपए तक उन्हें ट्रांसफर किए। वह रेवाड़ी के पास छोड़कर चले गए। डर इतना था कि 20 मिनट तक तो हम वहां से हिले भी नहीं। वहां से धारुहैडा व राजीव चौक दिल्ली पहुंचे।

जब कुछ ठीक हुए तो जयपुर आए और सांगानेर सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवानी चाही। दो दिन तक पुलिस टरकाती रही, कहा आपसी लेन-देन का मामला लग रहा है। कई जानकारों से फोन करवाया और निवेदन किया तब रिपोर्ट दर्ज की। लेकिन न्याय नहीं मिला। उस दौरान विक्की इन बदमाशों को वीडियो कॉल करता था।

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