विभागों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए ग्रेडिंग और रैंकिंग हो

गवर्नेंस ः एक्सपर्ट समित शर्मा बता रहे हैं सुशासन का मंत्र

By: Neeru Yadav

Updated: 16 Jan 2021, 11:58 PM IST

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान में उल्लेखित विभिन्न प्रावधानों के अनुसार स्थापित की गई है, किंतु स्वतंत्रता के 73 वर्ष बाद भी संविधान के नीति निर्देशक तत्वों में इंगित लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा अभी भी अपूर्ण है। गरीबी, भूख, अशिक्षा, रोग, बेरोजगारी, अन्याय व असमानता आदि से जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा त्रस्त है। इन समस्याओं का समाधान है सुशासन अर्थात गुड गवर्नेंस। सुशासन की पहली सीढ़ी है अधिकारियों और कार्मिकों की सेवा प्रदाता के रूप में पहचान और कार्यस्थल पर उनकी अनिवार्य उपस्थिति, तभी तो वे नागरिकों को सेवाएं प्रदान कर पाएंगे। सभी लोक सेवक यथा शिक्षक, चिकित्सक, प्रशासक, पुलिस आदि द्वारा उत्कृष्ट व संतोषजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए उनमें व्यवसायिक कौशल एवम दक्षता, अनुशासन, कर्मठता व सेवा भावना का गुण भी अपरिहार्य है। इसके लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण, नैतिक शिक्षा, नियमित पर्यवेक्षण व प्रोत्साहन आवश्यक है।सबसे बड़ी चुनौती है आमजन के कार्यों का त्वरित गति से एवं सुनिश्चित निस्तारण।
प्रत्येक विभाग के 'की परफारमेंस इंडिकेटर्स' तय कर उनके आधार पर वार्षिक कार्य मूल्यांकन भरा जाना चाहिए। अधिकारियों, विभिन्न विभागों और अलग-अलग जिलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए ग्रेडिंग और रैंकिंग भी की जा सकती है।प्रत्येक लोक सेवक सुशासन देने के लिए संकल्पित होगा और शासन के कार्य में दक्षता, गुणवत्ता, परिश्रम, सत्य निष्ठा, कर्तव्य परायणता, सेवा भावना आदि गुणों का समावेश होगा तभी समस्त राजकीय योजनाएं धरातल पर क्रियान्वित हो पाएंगी और गांधी जी का रामराज का सपना साकार हो सकेगा और प्रत्येक आंख से हर आंसू दूर किया जा सकेगा।ऑनलाइन व थर्ड पार्टी असेसमेंट होआम जन के कार्यो के निस्तारण के साथ-साथ सेवा की सुगमता व गुणवत्ता भी बहुत महत्वपूर्ण है, जिसका नागरिकों द्वारा अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से मूल्यांकन कराया जाना चाहिए। पब्लिक डीलिंग वाले विभागों को सभी प्रकार के बिल, फीस, अथवा कर जमा कराने व लाइसेंस, एन ओ सी, प्रमाण पत्र स्वीकृतियां, आदि जारी करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जानी चाहिए। जयपुर संभाग के पांचों जिलों में सुशासन के लिए की गई पहल - प्रत्येक विभाग का राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप बजट घोषणा, फ्लैगशिप योजनाओं का एक्शन प्लान तैयार करना- सभी कलक्टर, एसपी, संभाग के अघिकारियों सहित ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों की एक दिवसीय वीसी कर सरकार के 20 विभागों की समीक्षा करना-आमजन को गुणवक्ता पूर्ण राजकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्थाओं और कार्यालयों में समय की पाबंदी एवं कार्य स्थलों पर कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना। (इंटरव्यू ः विजय शर्मा)

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