कोरोना को है रोकना...विदेश से आ रहे अपनों पर निगरानी जरूरी

आशंका...विशेषज्ञों की राय- परदेश से लौटे भारतीय न बन जाएं संक्रमण के वाहक

 

By: anoop singh

Updated: 19 Mar 2020, 02:22 AM IST

नई दिल्ली.
भारतीय आयुर्विज्ञन अनुसंधान संस्थान (आइसीएमआर) ने बुधवार को साफ कर दिया देश में फिलहाल कोरोना का संक्रमण सामूदायिक नहीं है। देश में अब तक मिले तकरीबन सभी संक्रमित खुद कोरोना प्रभावित देशों से लौटे हैं या विदेशों से लौटने वालों के संपर्क में रहे हैं। भारत में कोरोना जांचने की दर भी सबसे कम हैं, 10 लाख आबादी पर मात्र 6.8 टेस्ट होते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ आशंकित हैं कि यदि विदेशों से खुद वतन लौटने वाले ही कोरोना संक्रमण के वाहक न बन रहे हों। उनका मानना है कि यदि ऐसे लोगों निगरानी और उनकी जांच के दायरे को नहीं बढ़ाया गया तो देश में कोरोना संक्रमितों की संया और बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों की राय है कि कम से कम विदेशों से आने वाले 100 प्रतिशत भारतीयों का कोरोना टेस्ट होना चाहिए। आइसीएमआर के मौजूदा प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोना प्रभावित देशों से लौटने वालों को पहले 14 दिनों तक अलग रखा जाता, इस दौरान यदि उनमें कोरोना के लक्षण पाए जाते तो ही उनकी कोरोना जांच कराई जाती है।
इधर, विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने बुधवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि विदेशों में इस समय कुल 276 भारतीय कोरोना संक्रमित हैं। ईरान में सबसे ज्यादा 255 मामले हैं। संयुक्त अरब अमीरात में 12, इटली में 5, हांगकांग, कुवैत, रवांडा और श्रीलंका में एक-एक भारतीय संक्रमित हैं। साफ है कि विदेशों में कोरोना संक्रमित भारतीयों की संया में देश में मौजूद संक्रमितों से बहुत ज्यादा है।
भारत ने यों तो चीन, पूरे यूरोप, टर्की, यूके, अफगानिस्तान, फिलिपींस, मलेशिया से आने वाली सभी उड़ानों पर रोक लगा दी है, लेकिन इस सूची में अमरीका जैसा देश बाहर है। वहां भी कोरोना के 7300 से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है, 116 लोगों की मौत हो चुकी है। यही वह देश है जहां दो लाख से ज्यादा भारतीय छात्र हैं।
महाराष्ट्र के 800 फंसे हैं फिलीपींस में
निर्दलीय सदस्य नवनीत कौर राणा ने लोकसभा में कहा कि फिलीपींस में बड़ी संया में भारतीय मेडिकल छात्र फंसे हुए हैं जिनमें 800 महाराष्ट्र के हैं। वे भूखे प्यासे हैं। परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को भारतीयों को वहां से निकालने के लिए जल्द कार्रवाई की जानी चाहिए।
मलेशिया में फंसे 300 भारतीय छात्र
कांग्रेस के ए. चेल्ला कुमार ने लोकसभा में कहा कि आज भी मलेशिया में 300 छात्र फंसे हैं, फिलीपीन्स में भी भारतीय फंसे हैं। उन वहां की सरकारों ने उन्हें निकालने के लिए 72 घंटे की समय सीमा दी है। इन्हें जल्दी निकाला जाए।


पंजाब में विदेश से लौटे 167 लोग लापता
पंजाब के लुधियाना में हाल फिलहाल विदेशों से लौटे 167 लोगों का पता नहीं चल रहा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हाल में विदेशों से लौटे सभी भारतीयों के लौटने की तारीख से 14 दिनों तक उनके लक्षणों को देखा जाता है। सरकार का इन लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
हर 100 साल में इस तरह की महामारी फैलती है। इंसान की हैसियत इन वायरस के सामने बौनी पड़ जाती है। आप हथियार तो बना सकते हैं, लेकिन इस जानलेवा वायरस से नहीं लड़ सकते हैं। कलियुग में वायरस से हम लड़ नहीं सकते हैं। द्गजस्टिस अरुण मिश्रा, (सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान आई भीड़ पर कोरोना को लेकर टिप्पणी)
वुहान में केवल एक मरीज मिला चीन के वुहान शहर में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन केवल एक मामले की पुष्टि हुई। चीन में लगातार हालात सुधर रहे हैं। दिसंबर में सामने आए कोरोना से अब तक चीन में अब तक 3237 की जान जा चुकी है।

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