तिरंगे की आन-बान-शान में इनका भी योगदान

Amit Pareek

Publish: Aug, 14 2019 12:01:25 AM (IST) | Updated: Aug, 14 2019 12:05:27 AM (IST)

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

शाजापुर (मप्र). वैसे तो यह शाजापुर ( shajapur ) के नई सडक़ क्षेत्र में संचालित सामान्य लांड्री ( laundry) है। अन्य लांड्रियों की तरह यहां भी कपड़ों की धुलाई, ड्राईक्लीन, पे्रस आदि की जाती है, लेकिन इस दुकान के संचालक का देशभक्ति (Patriotism ) का जज्बा इसे अन्य दुकानों से अलग करता है। इस दुकान पर पिछले 38 साल से राष्ट्रीय ध्वज की धुलाई से लेकर प्रेस तक हो रही है। खास बात यह है कि इसके लिए दुकान संचालक एक रुपया भी नहीं लेता। तिरंगे ( tricolour ) के प्रति ऐसी कर्तव्य परायणता देखते हुए 3 साल पहले तत्कालीन कलेक्टर ने दुकान संचालक को सम्मानित किया था।
हम बात कर रहे हंै नई सडक़ क्षेत्र में करीब 4 दशक से संचालित ड्राईक्लीन दुकान की। दुकानदार राजेंद्र वर्मा (65) आज भी पूरी शिद्दत से राष्ट्रीय ध्वज ( national flag ) की न सिर्फ धुलाई करते हैं, बल्कि उन पर प्रेस करके सम्मान सहित लौटा देते हैं। शहर के सभी शासकीय और निजी प्रतिष्ठान, कार्यालय, स्कूलों आदि में प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day ) और गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) के उपलक्ष्य में होने वाले ध्वजारोहण से पहले राष्ट्रीय ध्वज को साफ किया जाता है। इस कार्य के लिए सभी राजेंद्र की दुकान पर पहुंचते हैं। यहां पर राष्ट्रीय ध्वज देने के बाद सभी निश्चिंत होकर चले जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि अब उनका तिरंगा सुरक्षित हाथों में हैं। जहां न सिर्फ उसकी धुलाई ठीक से होगी, बल्कि उस पर प्रेस होकर उसे ससम्मान लौटाया जाएगा।

यही मेरी देश सेवा

दुकानदार के अनुसार बचपन से देश की सेवा करने का जज्बा मन में था। पहले हालात इस तरह के नहीं थे कि वो देश की सेवा के लिए सेना में जा सके। इसके कारण अपने पुश्तैनी धंधे को ही आगे बढ़ाया। सन 1980 में जब दुकान संभालने लगे तभी से उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज की धुलाई, ड्राईक्लीन और प्रेस करने तक का संपूर्ण कार्य मुफ्त करना शुरू कर दिया। जिसे आज तक वो करते आ रहे हैं।

बड़ी संख्या में पहुंचते तिरंगे

उनके मुताबिक जो काम देश सेवा के नाम पर किया जा रहा है उसका हिसाब आज तक नहीं रखा। 15 अगस्त हो या 26 जनवरी दोनों राष्ट्रीय पर्व पर उनके पास 50 से ज्यादा राष्ट्रीय ध्वज पहुंचते हैं। हालांकि इसकी भी गिनती उन्होंने आज तक नहीं की है।

होमगार्ड की कैप के लिए हाजिर

वे राष्ट्रीय ध्वज के अलावा होमगार्ड ( homegaurd ) के जवानों की कैप की धुलाई भी मुफ्त करते हैं। होमगार्ड के जवान अपनी कैप की सफाई के लिए इसी दुकान पर पहुंचते हैं। किसी को कैप में कोई परेशानी होती है तो उसको सुधारने में भी चूकते।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned