जयपुर के गुनाहगारों के मृत्युदंड की सजा पर अपील के साथ होगी सुनवाई

जयपुर बम विस्फोट मामलों की विशेष अदालत ने 20 दिसंबर,2019 को आतंकी मोहम्मद सलमान, मोहम्मद सरवर आजमी ,सैफु उर्फ सैफर्रहमान और मोहम्मद सैफ को फांसी की सजा से दंडित किया था।

By: Ankit

Published: 03 Jan 2020, 06:41 PM IST

जयपुर।

राजस्थान उच्च न्यायालय में जयपुर में सिलसिलेवार बम धमाके के आरोप में फांसी की सजा से दंडित चार आतंकियों के डैथ रैफरेंस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ढड़्ढ़ा की खंडपीठ ने रैफरेंस की कॉपी सरकार के वकील को देने और आतंकियों की ओर से यदि कोई अपील पेश हो तो दोनों को साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर बम विस्फोट मामलों की विशेष अदालत के जज अजयकुमार शर्मा ने 20 दिसंबर,2019 को आतंकी मोहम्मद सलमान,मोहम्मद सरवर आजमी,सैफु उर्फ सैफर्रहमान और मोहम्मद सैफ को फांसी की सजा से दंडित किया था। कानूनी प्रावधान के अनुसार सैशन कोर्ट फांसी की सजा के आदेश को उच्च न्यायालय से पुष्टी के लिए भेजता है। सीआरपीसी की धारा-366 के तहत पूरे मामले को उच्च न्यायालय भेजा जाता है। हालांकि जयपुर बम विस्फोट मामले में फांसी की सजा पाने वाले उक्त चारों अभियुक्तों की ओर से फिलहाल अपील पेश नहीं हुई है। जयपुर में 13 मई,2008 को सिलसिलेवार आठ बम विस्फोट हुए थे जबकि एक बम जीवित मिला था। इन विस्फोटों में 71 मारे गए थे जबकि करीब 185 लोग घायल हुए थे।

जिंदा बम के केस में किया गिरफ्तार
राजस्थान एटीएस ने बरी हुए आरोपी शाहबाज हुसैन सहित फांसी की सजा से दंडित हुए चारों आतंकियों को 13 मई,2008 को मिले जिंदा बम के मामले में प्रोडक्शन वारंट के जरिए जयपुर जेल गिरफ्तार कर लिया था। यह बम चांदपोल बाजार में मिला था और इसे डिफ्यूज कर दिया गया था। एटीएस ने इस मामले में भी अलग एफआईआर दर्ज की थी और विस्फोट के बाकी आठ मामलों के साथ इस केस की ट्रायल नहीं हुई थी। इस केस के कुछ आरोपी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैंं।

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