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विदेशी श्वान पालने के आदेश जारी कर भूले, इस साल नया रजिस्ट्रेशन नहीं

Heritage Municipal Corporation Jaipur जयपुर। शहर में विदेशी नस्ल के श्वानों का लोगों पर हमला बढ़ता जा रहा है, लेकिन राजधानी के हैरिटेज नगर निगम और जयपुर ग्रेटर नगर निगम को इसे लेकर कोई चिंता नहीं है। Jaipur Greater Municipal Corporation शहर में गली—मोहल्लों में लोगों के घरों में पालतू श्वान नजर आ जाएंगे, Registration exotic breed dogs जबकि श्वानों का रजिस्ट्रेशन करने में दोनों ही निगम फेल साबित हो रहे है।

जयपुर

Published: April 22, 2022 01:01:55 pm

Heritage Municipal Corporation Jaipur जयपुर। शहर में विदेशी नस्ल के श्वानों का लोगों पर हमला बढ़ता जा रहा है, लेकिन राजधानी के हैरिटेज नगर निगम और जयपुर ग्रेटर नगर निगम को इसे लेकर कोई चिंता नहीं है। Jaipur Greater Municipal Corporation शहर में गली—मोहल्लों में लोगों के घरों में पालतू श्वान नजर आ जाएंगे, जबकि श्वानों का रजिस्ट्रेशन करने में दोनों ही निगम फेल साबित हो रहे है। मजेदार बात यह है कि हैरिटेज नगर निगम ने इस साल रजिस्ट्रेशन ही नहीं किए। पिछले वित्तीय वर्ष में सिर्फ 174 श्वानों का रजिस्ट्रेशन किया था, जिन्हें भी अभी तक नवीनीकरण नहीं किया गया। बड़ा सवाल है कि राजधानी में कितने श्वान लोगों ने पाल रखे है, इसकी जानकारी दोनों नगर निगमों के पास नहीं है।
श्वानों के रजिस्ट्रेशन को लेकर दोनों निगमों की बेरुखी का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नए वित्तीय वर्ष में अभी तक श्वानों का नया रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। हैरिटेज नगर निगम ने पिछले दिनों ही श्वान रजिस्ट्रेशन का चार्ज बढ़ाया था। प्रति श्वान पंजीयन शुल्क को 15 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए सालाना किया था। इसके बाद श्वान रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई आगे नहीं आया। नगर निगम प्रशासन ने भी इसे लेकर कोई चिंता नहीं की। जानकारों का कहना है कि नगर निगम सभी श्वानों का रजिस्ट्रेशन करें तो लोगों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। वहीं नगर निगम को रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में आय भी होगी।

विदेशी श्वान पालने पर आदेश जारी कर भूले, इस साल नया रजिस्ट्रेशन नहीं
विदेशी श्वान पालने पर आदेश जारी कर भूले, इस साल नया रजिस्ट्रेशन नहीं

सख्ती का बनाया प्लान, कागजों तक ही सिमटा
हैरिटेज निगम ने शहर में बढ़ रही घटनाओं को लेकर श्वानों के पालने पर अकुंश लगाने के लिए प्लान तैयार किया था, इसके लिए श्वान पालने वालों पर सख्ती करने के निर्देश जारी किए थे, इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाकर सालाना 500 रुपए किए थे, लेकिन नगर निगम अधिकारियों की अनदेखी के चलते ये आदेश कागजों में ही सिटम कर रह गए।

जयपुर ग्रेटर आदेश निकाल भूला
जयपुर ग्रेटर नगर निगम ने लोगों को पालतू श्वानों का रजिस्ट्रेशन कराने के साथ लाइसेंस लेना अनिवार्य किया था। इसके लिए नगर निगम ग्रेटर एक आदेश जारी कर श्वानों का रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस नहीं कराने पर उन्हें जप्त करने और जुर्माने की कार्रवाई की बात कही थी। लेकिन ग्रेटर नगर निगम आदेश निकाल भूल गया।

हर साल रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी..
हेरिटेज नगर निगम पशु प्रबंधन शाखा के डाॅ. कमलेश मीना ने बताया कि इस साल अभी तक कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। पिछले साल 174 विदेशी नस्ल के श्वानों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। श्वानों का रजिस्ट्रेशन हर साल किया जाता है।

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