चुनावी माहौल : बलात्कार मामले में फिर मुश्किल में नागर, जमानती वारंट से तलब

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By: pushpendra shekhawat

Updated: 15 Nov 2018, 09:40 PM IST

शैलेन्द्र अग्रवाल / जयपुर। चुनावी माहौल के बीच बलात्कार मामले को लेकर पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। हाईकोर्ट इस मामले में जयपुर जिले की एडीजे कोर्ट के नागर को बरी करने के फैसले के खिलाफ सुनवाई को तैयार हो गया है और उसे जमानती वारंट से तलब किया है।

 

सीबीआइ एवं पीडि़ता दोनों की ओर से सरकारी आवास पर महिला से मारपीट व बलात्कार के मामले में हाईकोर्ट में दस्तक दी गई है। न्यायाधीश पंकज भंडारी ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई की। जयपुर जिला न्यायालय क्षेत्र के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-2 ने 30 जनवरी 2017 को बाबूलाल नागर को मंत्री रहते सरकारी आवास पर महिला से मारपीट व बलात्कार के मामले में बरी कर दिया। पीडिता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीरी सिंह सिनसिनवार व सीबीआइ के अधिवक्ता अश्विनी कुमार शर्मा ने अधीनस्थ अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के पास नागर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य थे। मामूली विरोधाभासके कारण किसी अपराधी को बरी नहीं किया जा सकता, जबकि पीडि़ता के शरीर पर चोट के निशान मौजूद थे। इसके बावजूद अधीनस्थ अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।


यह था मामला

पीडि़ता ने इस्तगासे से जरिए 13 सितंबर 2013 को सोढ़ाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि मंत्री रहते बाबूलाल नागर ने 11 सितम्बर 13 को परिचित को नौकरी देने के बहाने उसे सरकारी बंगले पर बुलाया और बलात्कार किया। राज्य सरकार ने मामला उसी दौरान सीबीआइ को भेज दिया ओर सीबीआइ ने 9 अक्टूबर 2013 को नागर को गिरफ्तार कर लिया। जयपुर जिला न्यायालय क्षेत्र के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-2 ने अभियोजन पक्ष की जांच पर सवाल उठाते हुए नागर को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया था।

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