हिंदी मीडियम के शिक्षकों से ही जंचवा दी बोर्ड ने अंग्रेजी मीडियम में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की कॉपी

हर साल बोर्ड को लिखकर दे रहे शिक्षक लेकिन फिर भी बोर्ड ने नहीं बदला पैटर्न

By: HIMANSHU SHARMA

Published: 08 Jun 2018, 01:09 PM IST

 


जयपुर

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान ने बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम तो जारी कर दिया। लेकिन बोर्ड ने इस बार भी अंग्रेजी मीडियम में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की कॉपी को हिंदी मीडियम के शिक्षकों से ही जंचवा दी। यह गलती भी बोर्ड ने जब की है जब बोर्ड की कॉपियां जांचने वाले हिंदी मीडियम के परीक्षक हर साल अंग्रेजी मीडियम के विद्यार्थियों की कॉपी आ जाने पर उनको जांचने के लिए आपत्ति जताते आए है और बोर्ड को अंग्रेजी मीडियम के विद्यार्थियों की कॉपी अंग्रेजी के शिक्षकों से जांच करवाने के लिए लिखा है लेकिन फिर भी बोर्ड ने अपना पैटर्न नहीं बदला। सामाजिक विज्ञान,गणित,विज्ञान सहित सभी विषयों की उत्तरपुस्तिकाएं अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की हिंदी माध्यम के परीक्षक ही जांचते है।

शिक्षकों ने आपस में ही उठाएं सवाल

इस दौरान बोर्ड की कॉपी जांचने वाले शिक्षक आपस में ही एक दूसरे से सवाल करते नजर आते है कि वह कैसे जांच पाएंगे। बोर्ड की कॉपी जांचने वाले एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मैं हिंदी मीडियम से पढ़ाता हूं। इस बार बोर्ड की सामाजिक विज्ञान की कॉपी जांचने के लिए मेरे पास भी आई थी। इसमें से कई कॉपी एेसी थी जो अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की थी।जिन्होंने कॉपी में सवालों का हल अंग्रेजी भाषा में लिखा था। इसी मामले पर जब एक सीनियर टीचर से बात की गई ताे उन्होंने कहा कि हर साल बोर्ड को लिख कर देने पर एेसा होता है कि अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों की कॉपी हमारे पास आती है। एेसे में परीक्षक को भाषा की कम समझ होने स मूल्यांकन करने में दिक्कत आती है। बोर्ड की कॉपी जांचने वाले सभी शिक्षकों को यह समस्या आती है। इसके पीछे एक कारण यह भी है कि प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक ना के बराबर हैं।

यह होती है बोर्ड से गड़बड़

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की परीक्षा लेने से पहले परीक्षार्थियों के रॉल नम्बर सीरियल नम्बर के आधार पर तय करता है। रॉल नम्बर की सीरीज हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को एक साथ अलॉट होता है। बोर्ड इसी सीरियल से कॉपी परीक्षक को भेज देता है जिससे बंडल में जिस भी मीडियम की कॉपी होती है वह परीक्षक के पास चली जाती है जिससे उसे वह कॉपी जांचनी होती है। एेसे में विद्यार्थियों के मूल्यांकन पर भी असर आता हैं।

HIMANSHU SHARMA
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned