हिंगोनिया गौशाला में गौवंश की बेकद्री- अफसर-नेताओं के दौरे के बाद जारी हुआ ऐसा आदेश

हिंगोनिया गौशाला में गौवंश की बेकद्री- अफसर-नेताओं के दौरे के बाद जारी हुआ ऐसा आदेश

neha soni | Publish: Feb, 16 2019 03:10:36 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

हिंगोनिया गौशाला में गौवंश की बेकद्री

जयपुर. हिंगोनिया गौशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत बाद शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा रहा। सुबह आयुक्त ने गौशाला का दौरा किया। भरपूर मात्रा में चारा गौशाला पहुंचा। गौपालन और पशुपालन विभाग अधिकारियों ने भी दौरा किया।
गौपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक विश्राम मीना ने बताया कि दिसम्बर में नगर निगम को 3.5 करोड़ रुपए दिए थे लेकिन निगम ने आगे भुगतान नहीं किया। इधर, नगर निगम ने शुक्रवार को और राशि जारी कर 2.77 करोड़ रुपए गौशाला के खाते में भेजे। निगम के अधिकारियों और पार्षदों ने ट्रस्ट की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए कुछ भाजपा पार्षदों ने सांकेतिक धरना दिया। इनमें गौशाला समिति के पूर्व चेयरमैन
भगवत सिंह देवल, अशोक गर्ग आदि शामिल थे। पार्षद अनिल शर्मा ने कहा, ट्रस्ट के पास गायों को संभालने के लिए संसाधन नहीं है तो व्यवस्था वापस निगम को सौंप देनी चाहिए।

चर्चा में ये सवाल
महापौर ने पूर्व गौशाला उपायुक्त को गौशाला क्यों भेजा?
वित्तीय सलाहकार भुगतान की फाइल क्यों रोके हुए थे?

गायें क्षमता से अधिक
गौशाला में नगर निगम ने 42 बाड़े बनाए हुए हैं, जहां 8 हजार गायें रखी जा सकती हैं जबकि अभी 21 हजार गौवंश को रखा जा रहा है।

दावा- भूख से नहीं हुई मौत
पशुपालन विभाग की ओर से गठित चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद दावा किया कि गायों की मौत भूख से नहीं हुई। टीम ने रिपोर्ट में लिखा कि सामान्य दिनों में जितनी गायों की मौत होती है, पिछले 4-5 दिन का आंकड़ा उसके आसपास रहा है। गायों को चारे की जगह आलू, गाजर, मटर आदि खिलाए जा रहे थे।

यह तय है व्यवस्था
अक्टूबर, 17 में हिंगोनिया गौपुनर्वास केन्द्र के प्रबंधन के लिए निगम व हरे कृष्णा मूवमेंट से सम्बद्ध कृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट के बीच 19 वर्ष के लिए अनुबंध हुआ था। निगम हर माह 2.75 करोड़ गौशाला को भुगतान करता है। दूध पनीर सहित अन्य उत्पादों के पेटे 40 लाख मासिक और दान आदि से 25 लाख की आय मानी जा रही है।

सात दिन में आएगी रिपोर्ट, फिर कार्रवाई
गौशाला की अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को जांच कमेटी बनाने को कहा है। सात दिन में टीम रिपोर्ट देगी। दोषियों
के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विष्णु लाटा, महापौर

खिला रहे आलू-गन्ना
गायों के न्यूट्रिशियन के लिए गन्ने और आलू की वैकल्पिक व्यवस्था की गई लेकिन चारा पूरा नहीं मिला तो गायें दम तोडऩे लगीं। संबंधित अफसरों को स्थिति बता भी दी थी।
गोविंददास, प्रभारी, हिंगोनिया गौशाला

निगम से कहीं खामी रह गई तो ट्रस्ट प्रबंधन भी अपने स्तर पर व्यवस्था एकबारगी संभाल सकता था। सभी बाड़ों का निरीक्षण किया है, चारे की व्यवस्था कर दी है।
नारायणलाल नैनावत, चेयरमैन, पशु संरक्षण समिति, नगर निगम

पिछले डेढ़ माह में निगम ने 5 माह के बकाया का भुगतान किया है। अब केवल जनवरी का भुगतान बकाया है, जिसके बिल ट्रस्ट से आने बाकी हैं। गौपालन विभाग से बात कर अतिरिक्त बजट मांगेंगे।
विजयपाल सिंह, आयुक्त,
नगर निगम

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