हिस्ट्रीशीटर ने साथियों के साथ मंदिर में डाली थी डकैती

मूर्ति खरीदने वाला सुनार और गिरोह का एक बदमाश गिरफ्तार

By: Lalit Tiwari

Published: 12 Feb 2021, 10:51 PM IST

महावीर नगर स्थित श्री जैन मंदिर में एक सप्ताह पहले पिस्टल दिखाकर अष्टधातु की मूर्तियां चुराने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अलवर के रैणी निवासी हिस्ट्रीशीटर लोकेन्द्र सिंह चौहान ने अन्य पांच साथियों के साथ डाका डाला था। पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश करते हुए मूर्ति खरीदने वाले सुनार और गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी अभिजीत सिंह ने बताया कि 4 फरवरी की रात बजाज नगर थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में रहने वाले रात के चौकीदार और सेवादार को पिस्टल दिखाकर मारपीट कर बदमाश चार अष्टधातु की मूर्तियां और चांदी के छत्र और सिंहासन लूट ले गए थे। पुलिस मामला दर्ज कर 50 पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की मदद से दिन रात गिरोह की तलाश में जुटे थे। इस दौरान पुलिस को जैन मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मदद मिली। वारदात के लिए श्याम नगर से चोरी की गई कार व अन्य वाहन से आधा दर्जन डकैत जैन मंदिर पहुंचे। यहां चार डकैत मंदिर में गए और दो डकैत कार के पास खड़े रहे। यह जानकारी सामने आने के बाद 5 किलोमीटर क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तब अलवर के रैणी निवासी हिस्ट्रीशीटर की पहचान हुई। फिर तकनीकी मदद से गिरोह की कड़ी-कड़ी जोड़ जोबनेर निवासी सदस्य सुनील चौधरी तक पहुंचे। पूछताछ में सुनील चौधरी ने बताया कि वारदात के बाद चोरी की मूर्ति और सिंहासन फागी के चोरू निवासी सतीशचंद सोनी को बेच दी। पुलिस ने इस मामले में जोबनेर निवासी सुनील चौधरी (20) पुत्र प्रभुदयाल और फागी निवासी सतीश चंद सोनी (38) पुत्र राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया। मूर्ति बरामद करने के लिए आरोपी सतीश से पूछताछ की जा रही है। वारदात में अलवर के रैणी निवासी हिस्ट्रीशीटर लोकेन्द्र सिंह व लालचंद वर्मा, फागी निवासी गणेश जाट, मोरिजा निवासी कमलेश शर्मा, सांभर निवासी राजू चौधरी और भरतपुर के रूपवास निवासी सौरभ शर्मा की पहचान की है। उनकी तलाश में भी पुलिस टीम जुटी है।

एक साल पहले मंदिर के पास चौकीदारी करता था एचएस
एक साल पहले हिस्ट्रीशीटर लोकेन्द्र सिंह महावीर नगर में जैन मंदिर के आस-पास चौकीदारी करता था। इस दौरान उसने जैन मंदिर में मूर्तियों की रैकी की थी। बाद में चौकीदारी का काम छोड़कर चला गया था। आरोपी के मंदिर में लोगों के रहने और आने जाने की पूरी जानकारी थी। आरोपी हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ अधिकांश वाहन चोरी के मामले दर्ज हैं।

खुलासे में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका
मूर्तिचोर गिरोह के खुलासे में बजाज नगर थानाधिकारी रमेश सैनी, एसआई प्रकाश राम, हैड कांस्टेबल सुघड़ सिंह, सीएसटी के पुलिस निरीक्षक पन्नालाल, कांस्टेबल सुमनेश, सुभाष चंद, धर्मेन्द्र, तकनीकी विशेषज्ञ प्रद्युमन शर्मा, स्पेशल टीम के मनोहरलाल और सांगानेर सर्कल के कांस्टेबल ओमप्रकाश व राजेश चौधरी और श्याम नगर के कांस्टेबल अजयपाल सिंह की विशेष भूमिका रही।

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