'हॉबीहॉर्स' में सरपट घोड़े दौड़ातीं अनूठीं घुड़सवार...अब कोई नहीं कहता इसको बचकाना

'हॉबीहॉर्स' में सरपट घोड़े दौड़ातीं अनूठीं घुड़सवार...अब कोई नहीं कहता इसको बचकाना

Amit Purohit | Updated: 19 Jun 2019, 10:18:58 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

वे असली के घोड़े नहीं है लेकिन इन पर सवार किशोर लड़कियों को, इन्हें 'सरपट' दौड़ाने और जम्प लगवाने से कोई नहीं रोक सकता! यह हॉबीहॉर्स है, फिनलैंड से उठा एक अनूठा खेल।

 

हाल में फिनलैंड में आठवीं वार्षिक हॉबीहॉर्स चैंपियनशिप आयोजित हुई, जिसमें 400 'घुड़सवारों' ने वास्तविक अश्वारोही खेलों से प्रेरित खिलौना घोड़ों पर एक दूसरे के खिलाफ प्रतिस्पर्धा की। ज्यादातर सवार 10 से 18 वर्ष की लड़कियां थीं, जिन्होंने अपने होममेड स्टफ्ड हॉर्स हेड से जुड़ी लकड़ी की एक डंडी पर सवार होकर पारंपरिक घुड़सवारी प्रतियोगिताओं की तरह बाकायदा शो जंपिंग और हॉर्स ट्रेनिंग के करतब दिखाए। बताया जाता है कि फिनलैंड में 10,000 से अधिक हॉबीहॉर्स शौकीन हैं और उन्हें खुशी हैं कि उनके शौक को इतना ध्यान मिल रहा है। एक प्रतियोगी का कहना था कि यह शौक सिर्फ बचकाना खेल नहीं है, बल्कि अब एक गंभीर प्रतियोगिता हैं। इस इवेंट में एक नया 4 फीट 7 इंच का हाई हॉर्स जंपिंग रिकॉर्ड भी बना! जाहिर है, यह खेल लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। अकेले इस प्रतियोगिता को देखने 2,500 से अधिक लोग आएं।

फिनलैंड से बाहर भी
कहते हैं कि खेल धीरे-धीरे स्वीडन, जर्मनी, नीदरलैंड और स्विटजरलैंड जैसे कुछ अन्य यूरोपीय देशों में बढ़ रहा है। स्टफड सिर वाले अपने स्वयं के लकड़ी के घोड़े बनाने में लोग दर्जनों घंटे बिताते हैं। सोशल मीडिया का इसे फैलाने मेें बहुत बड़ा हाथ है। जैसे हॉबीहॉर्स की शौकीन आरनियोमकी नामक एक लड़की अपने हाथ से सिले हॉबीहॉर्स और राइडिंग वीडियो के लिए ऑनलाइन दुनिया में एक सेलिब्रिटी हैं, लेकिन कुछ वर्ष पहले तक वे अपने सहपाठियों को इसके बारे में बताने से आशंकित थीं। जब वह 12 साल की थी, तो कुछ दोस्तों ने उन्हें अपने स्कूल के पास खाली जंगल में प्रैक्टिस करने करते हुए देखा और एक 'बच्चे का खेल' खेलने के लिए उन्हें छेड़ा। कहा गया कि यह बहुत छोटे बच्चों का खेल है लेकिन अब, ऐसा नहीं है। हालांकि, लड़कों में यह बहुत कम देखने को मिला है।

कैसे आया अस्तित्व में?
यह कहना मुश्किल है कि लड़कियों की फिनिश आबादी में हॉबीहॉर्स का क्रेज कब शुरू हुआ क्योंकि व्यापक रूप से इस क्रेज का पता चलने से पहले भी यह खेला जाता रहा था। किशोर लड़कियों ने हॉबीहॉर्स को साध कर चलने का एक नया रूप ईजाद किया था, जिसमें सवार का निचला शरीर घोड़े की तरह उछलता और सरपट दौड़ता था, जबकि उसका ऊपरी शरीर सवार की तरह सीधा और स्थिर रहता था। यह कोच और छात्रों और प्रतियोगिताओं के विस्तृत नेटवर्क में विकसित हुआ। एक असली घोड़े और उसके सवार की तरह, हॉबीहॉर्स और उसके मालिक एक टीम बनाते हैं। घोड़े को साध कर करतब दिखाने और जम्पिंग करने जैसी पारम्परिक घुड़सवारी प्रतियोगिताएं इसमें शामिल हैं और शारीरिक रूप से काफी डिमांडिंग गेम है।

कहां से आते हैं हॉर्स!
हॉबीहॉर्स के अधिकांश हॉर्स होममेड होते हैं जो इवेंट और सोशल मीडिया के जरिए मालिकों की ओर से आपस में बदले और बेचे जाते हैं। उनमें से कुछ को ऑक्शन में कुछ सौ डॉलर कमाने का भी मौका मिला है। हालांकि, कोई आधिकारिक आंकड़े मौजूद नहीं हैं क्योंकि हॉबी-हॉर्सिंग का फिनिश खेल संघों से कोई जुड़ाव नहीं है और उत्साही लोग मुख्य रूप से वेब टॉक फोरम पर मिलते हैं और विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से फोटो सामग्री और वीडियो साझा करते हैं। क्षेत्रीय प्रतियोगिता के आयोजन पूरे फिनलैंड में वालंटियर करते हैं और हर साल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इनका समापन होता है।

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