कहीं रास्ते संकरे, कहीं आडे़-तिरछे खड़े वाहन, कैसे पहुंचे दमकल?

Deendayal Koli | Publish: Oct, 13 2018 01:24:25 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 01:24:26 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

बस्सी कस्बे में घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल

जयपुर

अगर बस्सी कस्बे के बाजारों में आग लग जाए तो वहां दमकल पहुंचना ही मुश्किल है जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसका ताजा उदाहरण स्टेशन रोड के समीप रैगर मोहल्ले में शुक्रवार को लगी आग के दौरान देखने को मिला। जहां मार्ग में ही वाहनों के खड़े होने के कारण दमकल फंस गई। जबकि बस्सी के बाजारों में रास्ते पहले ही संकरे हैं जिससे बाजारों में कभी आग लगती है तो दमकल को पहुंचने में दो-चार होना पड़ता है। वैसे तो कई बाजारों में दमकल पहुंच ही नहीं सकती है जिसकी वजह से पूरा बाजार आग की लपटों में आकर बड़ा हादसा हो सकता है। जानकारी के अनुसार बस्सी कस्बे में कई बाजार ऐसी जगह स्थित हैं जहां पर दमकल का पहुंचना नामुमकिन है। वैसे ही कई कॉलोनियां व मोहल्ले जहां पर रास्ते सिकुड़े हुए हैं वहां पर भी दमकल पहुंचना बहुत मुश्किल है। दीपावली के सीजन में ऐसे संकरे रास्तों पर कई जगह पटाखों की दुकानें लगा दी जाती हैं। यदि इन दुकानों में आग लग गई तो पूरे बाजार को स्वाह कर सकती है और एक बड़ा हादसा हो सकता है।

दस मिनट फंसी रही दमकल

गौरतलब है कि शुक्रवार को रैगर मोहल्ला निवासी मुंशीराम राठी के मकान में आग लग गई थी जिसे बुझाने दो दमकल आई लेकिन रास्ते संकरे होने और रास्तों में बेतरतीब वाहन खड़ा रहने के कारण करीब 10 मिनट तक दमकल फंसी रही। फिर लोगों ने उस जीप को उठाकर सड़क के किनारे लगाया जिसके बाद दमकल निकल सकी। ऐसे ही बाजारों में बेतरतीब वाहन खड़े कर लोग दुकानों में खरीदारी करने चले जाते हैं जिसकी वजह से यदि कोई हादसा या गंभीर बीमार हो जाता है तो एंबुलेंस को भी बहुत देर तक इंतजार कर निकलना पड़ता है।

फिर भी नहीं लिया सबक

संकरी गलियों के कारण दमकल व एंबुलेंस पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। कस्बे में अधिकांश मोहल्ले वर्षों पुराने हैं और गलियां छोटी हैं। साथ ही गौर बाजार से लेकर अन्य बाजारों में भी रास्ते संकरे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों ने अतिक्रमण कर इन गलियों व रास्तों को सिकुड़ा दिया है। ऐसे में यदि कहीं आग लग जाए तो वहां दमकल पहुंचने में समय तो लगेगा ही साथ ही बड़ा हादसा भी हो सकता है। वहीं कोई गंभीर बीमारी वाले या प्रसूताओं को एंबुलेंस लेने पहुंचे तो परिजनों को उसे अपने घर की गली से निकालकर रोड तक लाना पड़ता है वहीं बाजारों में बेतरतीब वाहनों की वजह से इन्हें पहुंचने में बहुत समय लगता है जब तक बड़ा हादसा हो जाता है।

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