देश में नई शिक्षा नीति कैसे हो लागू, मंत्रालय ने शिक्षकों से मांगे सुझाव

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New national education policy) लागू करने से पहले देशभर के शिक्षक और प्रधानाध्यापकों (Teachers and principals) से 31 अगस्त तक सुझाव (suggestion) मांगे हैं। इसके बाद मंत्रालय की ओर से शिक्षा नीति को लागू करने का खाका तैयार किया जाएगा।

By: vinod

Updated: 25 Aug 2020, 10:40 PM IST

सीकर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Union Ministry of Education) ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (New national education policy) लागू करने से पहले देशभर के शिक्षक और प्रधानाध्यापकों (Teachers and principals) से 31 अगस्त तक सुझाव (suggestion) मांगे हैं। शिक्षकों से नई शिक्षानीति को लागू करने के रोडमैप के बारे में भी जानकारी चाही गई है। इसके बाद मंत्रालय की ओर से शिक्षानीति को लागू करने का खाका तैयार किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस संबंध में ट्वीट भी किया है। ट्वीट में बताया कि शिक्षानीति को धरातल पर लागू करने का सबसे ज्यादा जिम्मा शिक्षक और प्रधानाध्यापकों का है। एेसे में इनसे 31 अगस्त तक तक सुझाव मांगे गए हैं। देश में स्कूली और उच्च शिक्षा में सुधार के लिए पिछले महीने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई थी। इससे पहले 1986 में शिक्षा नीति बनाई गई थी। इन्हीं सुझावों पर आगे नेशनल फ्रेमवर्क के आधर पर नया पाठ्यक्रम तैयार होगा।

सभी राज्यों के शिक्षामंत्रियों को भी पत्र
केंद्र सरकार की स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्री ओर शिक्षा सचिव को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि शिक्षकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने को प्रश्नोत्तर के जरिए स्कूली शिक्षा के संबंध में एनईपी के सभी विषयों पर सुझाव मांगे जा रहे हैं।

अच्छे सुझाव तो निजी तौर पर करेंगे संपर्क
एनसीईआरटी के विशेषज्ञों की एक टीम सभी सुझावों पर मंथन करेगी। सुझाव सीमित शब्दों के प्रारूप में मांगे गए हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के सुझाव अच्छे होंगे उनकी और विस्तृत जानकारी लेने के लिए टीम की ओर से निजी तौर पर भी सम्पर्क किया जाएगा।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned