कैसे करवाएंगे परीक्षा, जब लेक्चरर्स दे रहे पंचायती राज चुनाव में ड्यूटी


कॉलेजों में परीक्षा कल से
लेक्चरर्स कर रहे पंचायती राज चुनावों की ड्यूटी
चुनावों के लिए कॉलेज भी किए अधिगृहत
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों की अवहेलना
रुक्टा ने की शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने की मांग

By: Rakhi Hajela

Updated: 17 Sep 2020, 01:56 PM IST

एक तरफ राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों में यूजी, पीजी और प्रोफेशनल कोर्सेज की परीक्षाओं की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कॉलेज लेक्चरर्स, प्रिंसिपल और प्रोफेसर्स की ड्यूटी पंचायतीराज चुनावों में लगा दी है। जबकि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग की सचिव और कमिश्नर कॉलेज एजुकेशन ने सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिखकर चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाने और जिन कॉलेजों में परीक्षाएं होनी है उन्हें अधिगृहित नहीं किए जाने के लिए कहा था। ऐसे में राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कॉलेज शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने और भवन को अधिगृहित नहीं किए जाने की मांग की है।
आपको बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने 28 अगस्त को यूनिवर्सिटी की एग्जाम यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार 30 सितंबर तक करवाने के निर्देश दिए थे। वहीं प्रदेश के कई महाविद्यालयों के भवनों को चुनाव के चलते अधिग्रहित भी किया गया है। करौली सहित कई जगहों पर कॉलेजों को पंचायत चुनाव के लिए अधिगृहित कर लिया गया है। सीकर के तकरीबन सभी कॉलेजों के अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी पंचायती राज चुनाव में लगी हुई है।। कुछ ऐसे ही मामले अजमेर से भी सामने आए हैं। इसी प्रकार के प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी लेक्चरर्स को परीक्षा छोड़कर पंचायती राज में ड्यूटी देनी होगी।
कॉलेजों को अधिग्रहित नहीं करने की मांग
राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से महाविद्यालय शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने तथा महाविद्यालय भवनों को चुनाव के लिए अधिग्रहित नहीं किए जाने की मांग की है। रुक्टा राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय सिंह शेखावत और महामंत्री नारायण लाल गुप्ता का कहना है कि स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से हो रही है। वहीं पंचायती राज चुनाव की घोषणा भी की गई है। परीक्षा करवाने के लिए इन चुनावों में महाविद्यालय शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाने तथा महाविद्यालय भवनों को अधिग्रहित नहीं करने के लि शासन सचिव उच्च शिक्षा और आयुक्त कॉलेज शिक्षा ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजे गए थे। इसके बाद भी कुछ जिला निर्वाचन अधिकारियों ने महाविद्यालय शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगा दी है। करौली आदि कुछ स्थानों से महाविद्यालय भवन को अधिग्रहित किया गया है।
स्टाफ की कमी से जूझ रहे सरकारी कॉलेज
गौरतलब है कि 18 सितंबर से राजस्थान विवि की परीक्षा शुरू हो रही हैं। इसी प्रकार 18 सितंबर से ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी की परीक्षा है और 21 सितंबर से वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। अगर लेक्चरर्स को चुनाव ड्यूटी से नहीं हटाया गया तो परीक्षाओं के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्राचार्य के 269 और लेक्चरर्स के 2398 पद रिक्त पड़े हैं।

Rakhi Hajela Desk
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