किसान खेतों में करते रहे ऐसा, तो सुरक्षित नहीं रह पाएगी आपकी सेहत

कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग

By: Jagdish Vijayvergiya

Published: 08 Dec 2019, 12:15 AM IST

जयपुर. आमदनी बढ़ाने के लिए कई किसान कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं लेकिन यह मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। इससे भूमि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। कैंसर और गुर्दे से जुड़े रोगों सहित कई बीमारियां पांव पसार रही हैं।
दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान में शनिवार को अखिल भारतीय पीड़कनाशी अवशेष नेटवर्क परियोजना कार्यशाला में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक एवं पराम्परागत खेती पर ध्यान देना होगा। इसी से पर्यावरण, मानव एवं मृदा स्वास्थ्य में सुधार होगा, कृषि गुणवत्ता युक्त होगी। उन्होंने विभिन्न जिलों से आए किसानों को सुरक्षा किट बांटे। राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक सुदेशकुमार, परियोजना प्रभारी एआके पठान ने भी विचार रखे।
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किसानों की आय बढ़ाना बड़ी चुनौती
महाराणा प्रताप सभागार में 'सतत कृषि और ग्रामीण विकास के लिए कृषि व पशुपालन विज्ञान में नवाचारÓ विषयक 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के पहले दिन कृषि आयुक्त एसके मल्होत्रा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना आज बड़ी चुनौती है। सरकार व किसानों का ध्यान अब तक गेहूं, चावल और मक्का उत्पादन तक सीमित रहा है। ऐसे में दलहन-तिलहन के उत्पादन में पिछड़ रहे हैं। कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय में शीघ्र ही बाजरा, सरसों व मोठ पर नई परियोजना शुरू होगी। इस विवि के कुलपति जेएस संधू ने खाद्यान में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया। इस मौके पर राजुवास बीकानेर के कुलपति विष्णु शर्मा, नाबार्ड के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह भी उपस्थित थे।

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