लॉकडाउन में आदेश, 1000 से ज्यादा बकाया तो काट दो विद्युत कनेक्शन

प्रदेश में यदि किसी उपभोक्ता का विद्युत बिल के पेटे एक हजार से ज्यादा बकाया है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जाएगा।

By: Vinod Chauhan

Updated: 27 May 2021, 11:30 AM IST

विनोद सिंह चौहान
जयपुर। प्रदेश में यदि किसी उपभोक्ता का विद्युत बिल के पेटे एक हजार से ज्यादा बकाया है तो उसका बिजली कनेक्शन काटा जाएगा। इस काम में पिछड़ने वाले अभियंताओं पर गाज गिरेगी। एक तरफ तो विद्युत निगम उपभोक्ताओंं को बिजली के बिल जमा कराने में राहत देने का ढोल पीट रहा है और दूसरी तरफ लॉकडउन में ही जयपुर डिस्काम ने नियमों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी कर दिए हैं। अब देखना यह है कि आदेश कितने दिनों में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को करंट देते हैं।

राजस्थान में कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडउन के बीच विद्युत वितरण निगम ने गंभीर वित्तीय संकट का हवाला देते हुए उपभक्ताओं से बकाया बिल वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उपभोक्ताओं से वसूली के क्या-क्या नियम होंगे। इन नियमों से यह भी साफ हो रहा है कि आगामी दिनों में लाखों उपभोक्ताओं के दिल की धड़कनें तेज हो जाएगी और उन्हें विद्युत निगम कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ेगा।

बकाया जमा नहीं कराने की स्थिति में लाखों उपभोक्ताओं को रात अंधेरे में निकालनी पड़ेगी और दिनभर गर्मी में मरना पड़ेगा। लेकिन बिजली के बिल की वसूली में पिछड़े विद्युत निगम को उपभोक्ताओं की परेशानी से कोई लेना देना नहीं है। उधर, विद्युत निगम कर्मचारी संगठनों ने कहा कि एक माह पहले तो आदेश निकाया गया था कि मेंटीनेंस और विद्युत आपूर्ति में लगे कर्माचारी और अधिकारी के अलावा सभी वर्क फ्राम होम करेंगे। लेकिन अब पुराने आदेश निरस्त कर नए आदेश जारी कर दिए हैं।

जयपुर डिस्काम ने आदेश जारी किया है कि जिन उपभोक्ताओें के बिल की राशि एक हजार से ज्यादा है, उन्हें 15 दिन का नोटिस दिया जाए। उसके बाद भी राशि नहीं जमा होने पर कनेक्शन का दें और यह भी देखा जाए कि उपभोक्ता बिजली चोरी तो नहीं कर रहा है। निगम ने राशि के हिसाब से अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही हिदायत भी दी गई है कि इस काम में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए, नहीं तो संबंधित अभियंता पर कार्रवाई की जाएगी। हालाकि आदेश में यह भी कहा गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही राशि के बिल दिए जाएं, ताकि बिल समय पर जमा कराया जा सके। इसके अलावा जले हुए और खराब मीटरों को समय सीमा में बदला जाए।

-विद्युत निगम ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक माह पूर्व आदेश जारी किए थे कि मेंटीनेंस और विद्युत आपूर्ति में लगे कर्माचारी और अधिकारी के अलावा सभी वर्कफ्राम होम करेंगे। लेकिन अब पुराने आदेश निरस्त कर नए आदेश जारी कर दिए हैं, जो कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए गंभीर हैं।
अमित मल्होत्रा, अध्यक्ष जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ (बीएमएस)

-आदेश तो लॉकडाउन से पहले निकाले गए थे, लेकिन गलती से अब डिस्पैच किए गए हैं। इसमें डिस्पैच करने वाले कर्मचारी की गलती है। वैसे 31 मई तक बिल जमा कराने में उपभोक्ता को छूट दी गई है।
के.सी. गुप्ता, सीनियर बिलिंग, जयपुर डिस्कॉम

Vinod Chauhan
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