इनोवेटिव आंसर देंगे तो मिलेगा फायदा

 

सीबीएसई बोर्ड ने किया परीक्षा पैटर्न में बदलाव

रटे रटाए जवाब देने पर बोर्ड परीक्षा में कटेंगे नंबर

By: Rakhi Hajela

Updated: 03 Mar 2021, 12:19 AM IST

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स अब यदि परीक्षा में रटे रटाए जवाब लिखते हैं तो उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। संभव है कि एेसा करने से उनके नंबर कम हो जाए। वहीं यदि वह अपने सवाल के जवाब कुछ रोचक शैली में लिखते हैं तो उन्हें इसके लिए अतिरिक्त अंक मिल सकेंगे। दरअसल सीबीएसई बोर्ड सेकेंडरी और सीनियर सैकेंडरी परीक्षा में शामिल होने वाले अपने परीक्षार्थियों के लिए कुछ बदलाव किए हैं। बोर्ड की ओर से किए गए बदलाव के बाद अब परीक्षा में अपनी भाषा में उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त अंक मिलेगा। वहीं जो छात्र थोड़ी अलग शैली में उत्तर लिखेंगे उन्हें भी अतिरिक्त अंक दिया जाएगा। जबकि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान गूगल की मदद से सर्च करके उत्तर लिखने वाले छात्रों के नंबर काटे जाएंगे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की कॉपिंग चैकिंग के दौरान मार्र्किंग की प्रक्रिया में बदलाव किया है जिसके मुताबिक रटे रटाए जवाब देने वाले विद्यार्थियों को अब फायदा नहीं होगा।
सेंटर्स को भेजे निर्देश
बोर्ड ने इस संबंध में देश भर के अपने मूल्यांकन केंद्रों को भी जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। जिसके तहत अब जो भी छात्र किसी भी प्रश्न का उत्तर अपनी भाषा में देंगे उन्हें बोर्ड की तरफ से अतिरिक्त अंक मिल सकेगा, जबकि रटे रटाये उत्तर लिखने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा। सीबीएसई ने नए नियमों के तहत अधिकतम पांच अंक की सीमा तय की है जो इनोवेटिव उत्तर लिखने वाले छात्रों को मिल सकेगा। वहीं अब ऐसे छात्रों को जिन्होंने परीक्षा के लिए अपने सवालों के जवाब को गूगल से सर्च करके तैयार किया है और वो उसे ही रट कर परीक्षा में लिखते हैं तो ऐसे छात्रों के अंक काट लिए जाएंगे। बोर्ड ने परीक्षकों को यह निर्देश दिया है कि कॉपी के मूल्यांकन के दौरान ऐसे उत्तरों के लिए वो नंबर में कटौती कर सकते हैं।
यह होगा फायदा
गौरतलब है कि बोर्ड के इस निर्णय के बाद अब न केवल स्टूडेंट्स बल्कि टीचर्स को भी अधिक मेहनत करनी होगी। जिससे स्टूडेंट्स अपना कोर्स पढ़कर अच्छे से समझ सकें उन्हें रटने की जगह कोर्स को समझने का मौका मिले और बोर्ड परीक्षा शुरू होने से दो माह पहले वह इसकी प्रेक्टिस कर सकें। वह अपनी भाषा में सवाल का जवाब देने की आदत डालें यदि एेसा करते हैं तो उन्हें नंबर तो अधिक मिलेंगे ही साथ ही उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

Rakhi Hajela Desk
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