scriptIn the order, the resident doctors were told insensitive | आदेश में रेजीडेंट् डॉक्टर्स को बताया असंवेदनशील तो जार्ड ने जताया विरोध | Patrika News

आदेश में रेजीडेंट् डॉक्टर्स को बताया असंवेदनशील तो जार्ड ने जताया विरोध

जार्ड और अरिस्दा ने जताया आदेशों का विरोध

जयपुर

Updated: April 17, 2022 12:07:31 pm

जयपुर
सवाई मानसिंह अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी हुए आदेश की भाषा पर जार्ड ने आपत्ति जताई है। रेजीडेंट् डॉक्टर्स के संगठन जार्ड को अरिस्दा का समर्थन भी मिला है और उन्होंने भी आदेश का विरोध किया है।

sms.jpg
sms.jpg

अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी हुए एक आदेश में रेजीडेंट् डॉक्टर्स की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि रेजीडेंट् मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति नहीं रखते है। जिसको लेकर रेजिडेंट्स ने विरोध जताते हुए कहा है कि हम लगातर 24 घंटे काम करते है लेकिन फिर हमें आदेश में अंसवेदनशील बताना गलत है।

जार्ड के अध्यक्ष डॉ.अमित यादव ने कहा कि जो जिम्मेदार लोग है उन पर अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर किसी वार्ड में या भर्ती मरीज को दवा नहीं मिलती है तो उसके लिए रेजीडेंट डॉक्टर कैसे जिम्मेदार हो सकता है। जार्ड के अध्यक्ष ने कहा कि अगर दवा उपलब्ध नहीं है तो इसके लिए दवाइयों की सप्लाई चैन में शामिल लोगों को इसके लिए जिम्मेदार माना जाए।

वहीं अरिस्दा के अध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी ने कहा कि है जिन रेजिडेंट्स् के कारण अस्पताल में व्यवस्थाएं बनी हुई है,इस तरह की भाषा से वह भी समाप्त हो जाएगी। आपको बता दे कि गुरुवार की रात को सीएम अशोक गहलोत ने एसएमएस के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के परिजनों से समस्याओं के बारे में पूछा था। जहां अस्पताल में अव्यवस्थाएं होने और दवा व जांच का लाभ नहीं मिलने की शिकायत मिली थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर आदेश जारी किए थे। उन आदेशों में एक पॉइंट में रेजिडेंट्स के को भी दिशा निर्देश दिए गए है।

कहीं गफलत तो नहीं आदेश
सीएम डॉक्टर्स के परिजनों से जब मिले तो उन्हें डॉक्टर्स के व्यवहार को लेकर भी शिकायत मिली थी। ऐसे में शायद आदेश में व्यवहार सुधारने की नसीहत अस्पताल प्रशासन की ओर से दी जानी थी। लेकिन सिर्फ रेजिडेंट्स के लिए संवेदनशील नहीं होना जैसे शब्द का प्रयोग करने से यह सारा विरोधाभास उत्पन्न हुआ है। ऐसे में 19 अप्रेल को होने वाली अस्पताल प्रशासन की बैठक में इस आदेश को लेकर फिर स्पष्टकीरण आ सकता है! जिसमें सभी डॉक्टर्स को मरीजों व उनके परिजनों के प्रति व्यवहार सुधारने की नसीहत मिल सकती हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन को आकर्षित करती है कछुआ अंगूठी, लेकिन इस तरह से पहनने की न करें गलतीज्योतिष: बुध का मिथुन राशि में गोचर 3 राशि के लोगों को बनाएगा धनवानपैसा कमाने में माहिर माने जाते हैं इस मूलांक के लोग, तुरंत निकलवा लेते हैं अपना कामजुलाई में चमकेगी इन 7 राशियों की किस्मत, अपार धन मिलने के प्रबल योगडेली ड्राइव के लिए बेस्ट हैं Maruti और Tata की ये सस्ती CNG कारें, कम खर्च में देती हैं 35Km तक का माइलेज़ज्योतिष: रिश्ते संभालने में बड़े कच्चे होते हैं इस राशि के लोगजान लीजिए तुलसी के इस पौधे को घर में लगाने से आती है सुख समृद्धिहाथ में इन निशान का होना मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने का माना जाता है संकेत

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: 16 बागी विधायक अगर फ्लोर टेस्ट में नहीं देंगे वोट तो क्या होगी तस्वीर, यहां जानें पूरा समीकरणMaharashtra Political Crisis: क्या उद्धव ठाकरे के इस फैसले ने बिगाड़ा सारा खेल! NCP की भूमिका पर भी उठ रहे है सवालMaharashtra Political Crisis: फ्लोर टेस्ट के खिलाफ शिवसेना की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में मंजूर, आज शाम 5 बजे होगी सुनवाईपहले खुलेआम कन्हैयालाल की नृशंस हत्या की धमकी, फिर सिर कलम कर दिया, आतंकियों की करतूतों से मेल खाता है तरीकानवीन जिंदल को भी कन्हैया लाल की तरह जान से मारने की मिली धमकी, दिल्ली पुलिस से की शिकायतMumbai News Live Updates: शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा- 2/3 बहुमत है हमारे पासSecurity To Ambani Family: मुकेश अंबानी की सुरक्षा से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई त्रिपुरा HC के आदेश पर रोकजावेद पंप ने खोला राज, अटाला हिंसा में मौलाना और कई नेताओं के नाम आए सामने
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.